रसोई के वो खजाने जो महंगी चीनी को करेंगे फेल! बिना शक्कर इन ‘सुपर-स्वीटनर्स’ से लाइफ में घोलें मिठास

नई दिल्ली, दिल्ली। चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों, पकवानों और अन्य मीठे व्यंजनों की मांग बढ़ने के कारण चीनी की खपत भी अधिक होती है। ऐसे में लोग महंगी चीनी के विकल्प तलाश रहे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रख सकें।
रिफाइंड चीनी का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी वजह से प्राकृतिक मिठास वाले खाद्य पदार्थों को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने का चलन बढ़ रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्राकृतिक मिठास वाले विकल्पों में भी शर्करा और कैलोरी हो सकती है।
खजूर है आसान विकल्प
खजूर को प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे भिगोकर पेस्ट बनाएं और फिर खीर, स्मूदी, शेक, दलिया या घरेलू मिठाइयों में चीनी की जगह मिलाएं। खजूर में फाइबर सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिससे यह सिर्फ मिठास ही नहीं देता, बल्कि भोजन का पोषण मूल्य भी बढ़ा सकता है।
गुड़ से बनाएं पारंपरिक व्यंजन
गुड़ भारतीय रसोई का पुराना हिस्सा है। चाय, खीर, लड्डू और कई पारंपरिक व्यंजनों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसका स्वाद चीनी से अलग होता है, इसलिए हर व्यंजन में इसे सीधे समान मात्रा में बदलना सही नहीं होगा।
किशमिश और सूखे मेवे
किशमिश को पीसकर या पानी में भिगोकर उसका पेस्ट तैयार किया जा सकता है। यह दलिया, मिठाइयों और शेक में अच्छी प्राकृतिक मिठास दे सकती है।
पके केले और मीठे फल
पके केले, सेब और अन्य मीठे फलों की मदद से केक, पैनकेक, स्मूदी और दलिया में अतिरिक्त चीनी की मात्रा कम की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चीनी की जगह कोई दूसरा मीठा पदार्थ इस्तेमाल करने से वह पूरी तरह सेहतमंद नहीं हो जाता। मात्रा पर नियंत्रण सबसे जरूरी है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।


