3वीं बार दो साल में वापसी? आकाश आनंद ने ‘बुआ माँ’ मायावती से माफी मांगी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने पार्टी से निष्कासन के कुछ सप्ताह बाद शुक्रवार को अपनी “बुआ माँ” मायावती को खुले पत्र लिखकर पार्टी में फिर से कार्य करने का मौका मांगा है। यह पत्र उनके निष्कासन के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है।
आकाश आनंद का खुला पत्र मायावती को
अपने पत्र में आकाश आनंद ने कहा कि BSP उनके लिए सिर्फ राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि परिवार है और वे कभी दूसरी पार्टी में नहीं जाएंगे। उन्होंने लिखा, “आप मेरी राजनीतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा और मेरी बुआ माँ भी।” उन्होंने कहा कि राजनीति में जो कुछ उन्होंने सीखा है, वह सब मायावती के मार्गदर्शन में हुआ है।
उन्होंने अपनी चुप्पी और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को रिपोस्ट न करने के कारण उत्पन्न अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि उस दौरान वे सोशल मीडिया से दूर थे। आकाश ने कहा, “अगर मेरी चुप्पी से आपको ठेस पहुंची है तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूँ।” उन्होंने पार्टी के हित को परिवारिक रिश्तों से ऊपर माना।
तीसरी बार निष्कासन के बाद पुनः वापसी की संभावना
आकाश आनंद का यह BSP में तीसरी बार निष्कासन है। मई 2024 से अब तक उन्हें बार-बार पार्टी पदों से हटाया और पुनः नियुक्त किया गया है। सबसे हालिया निर्णय सितंबर 2026 में लिया गया था जब उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि मायावती 9 अक्टूबर को BSP संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाली रैली में आकाश आनंद को पुनः पार्टी में शामिल कर सकती हैं। हालांकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मायावती ने आकाश को पार्टी में अधिक राजनीतिक समझ और सात्विकता की जरूरत बताते हुए सितंबर में उनके पदों से हटाने का फैसला किया था ताकि पार्टी को आगामी चुनावों में प्रतिस्पर्धी दलों की रणनीतियों से नुकसान न पहुंचे।
आकाश आनंद ने अपने पत्र में पूर्व राज्यसभा सांसद और ससुर अशोक सिद्धार्थ के पार्टी से निकाले जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़े संबंधों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का मिशन है।
31 वर्षीय आकाश आनंद को 2017 में मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं के सामने पेश किया था और 2019 में वे पार्टी में शामिल हुए थे। वे लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान पार्टी के प्रमुख प्रचारकों में से एक थे। उनकी राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है, जिसमें कई बार पदों से हटाना और पुनः नियुक्ति शामिल है।
पिछले दो वर्षों में तीन बार हटाए जाने के बाद यह सवाल उठता है कि आगे उनका राजनीतिक भविष्य कैसा रहेगा। BSP के एक नेता के अनुसार पार्टी को आकाश पर भरोसा कर उन्हें स्वतंत्र काम करने देना चाहिए और चुनावी तैयारी में देरी न हो। उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं, जो इस स्थिति को और महत्वपूर्ण बनाता है।





One Comment