- ईरान पर हमले का वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ सकता है ईरान, जो कि दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है, पर संभावित हमले का वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर कई प्रकार से प्रभाव पड़ सकता है। यहाँ कुछ प्रमुख बिंदु दिए जा रहे हैं: 1. **तेल की कीमतों में वृद्धि**: ईरान पर हमला होने की स्थिति में तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ईरान की तेल उत्पादन क्षमता में कोई बाधा आती है, तो यह अन्य देशों पर भी दबाव डाल सकता है। 2. **आपूर्ति श्रृंखला में बाधा**: ईरान की भौगोलिक स्थिति के कारण, अगर स्थिति बिगड़ती है, तो समुद्री मार्गों, जैसे कि हॉरमुज़ जलडमरूमध्य, में बाधा आ सकती है। इस जलडमरूमध्य से लगभग 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति होती है, और इसमें किसी भी प्रकार की रुकावट से वैश्विक बाजार में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। 3. **वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव**: तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। महंगे तेल के कारण परिवहन लागत और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है। 4. **राजनीतिक तनाव**: ईरान पर हमले से मध्य पूर्व में राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकते हैं, जो वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं। 5. **वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की मांग**: अगर ईरान पर हमला होता है, तो देशों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य ऊर्जा स्रोतों में निवेश बढ़ सकता है। 6. **बाजार में अनिश्चितता**: हमले की स्थिति में, निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है, जिससे शेयर बाजार में गिरावट हो सकती है और आर्थिक गतिविधियों में कमी आ सकती है। इस प्रकार, ईरान पर हमले के परिणामस्वरूप वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं, जो न केवल तेल उत्पादक देशों, बल्कि दुनिया भर के देशों को प्रभावित करेगा।
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