तेलंगाना कांग्रेस सेवा दल ने सत्याग्रह आयोजित कर CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के गांधी भवन में एक दिवसीय सत्याग्रह का आयोजन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्रीय सरकार की नीतियों के कारण संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के खतरे की चेतावनी देना था।
सत्याग्रह में प्रमुख मांग: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
इस सत्याग्रह का नेतृत्व तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष मिद्देला जितेन्दर ने किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की। सरकार के कल्याण सलाहकार वी. हनुमंथ राव भी इस आंदोलन में शामिल हुए।
जितेन्दर ने कहा कि चल रही विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया का दुरुपयोग कर योग्य मतदाताओं, विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उनका यह भी आरोप था कि यह कदम नागरिकों के मतदान के अधिकार को कमजोर करता है और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने चुनाव आयोग पर केंद्र की भाजपा सरकार के पक्ष में पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने निष्पक्षता नहीं बरती और वे संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर सरकार के एजेंडे का समर्थन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह पर भी कटाक्ष
कांग्रेसी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि उन दोनों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं में अब पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष ने गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक तरीकों से लोकतंत्र की रक्षा जारी रखेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी और TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ के नेतृत्व में विरोध और तेज किया जाएगा।
इस सत्याग्रह में पूरे राज्य के सेवा दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य, जिला अध्यक्ष, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष तथा मण्डल स्तर के पदाधिकारी शामिल थे, जिन्होंने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर अपनी चिंता व्यक्त की।
यह आंदोलन सरकार की कथित जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा संदेश है। कांग्रेस सेवा दल का कहना है कि वे इस प्रकार के कदमों के विरोध में सतत संघर्ष करते रहेंगे और लोकतंत्र के अधिकारों की रक्षा करेंगे।





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