लेखपाल संघ ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध प्रदर्शन, 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार का ऐलान
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों ने खोला मोर्चा, शासन से मांगें पूरी करने की अपील

ब्यूरो रिपोर्ट: सतीश पाण्डेय, सब तक एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में अपनी आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। 8 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने 10 अक्टूबर को थाना दिवस के अवसर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 17 अक्टूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
लेखपाल संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी आठ सूत्रीय मांगें लंबित हैं। इस संबंध में शासन का ध्यान कई बार आकर्षित कराया गया, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अपनी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए अब आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है।
संघ ने किसानों और आमजनमानस को होने वाली परेशानी पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं को समझते हैं, लेकिन बार-बार मांग उठाने के बावजूद शासन स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। इससे तहसील स्तर पर होने वाले राजस्व संबंधी कार्यों और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
विरोध प्रदर्शन में ये रहे उपस्थित
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अमित शुक्ल, जिलामंत्री चंद्रशेखर, तहसील अध्यक्ष गोपेन्द्र पाण्डेय, मंत्री अनूप यादव सहित राहुल, रवि, आदित्य, अजय विक्रम, सुरेंद्र गुप्ता, संदीप, रविकांत, रंजीत, अर्पित, उदय प्रताप, शिवकुमार, अरुण, मिथिलेश, अनुराग, शीला, लक्ष्मी, सोनालिका और अल्का सहित अन्य लेखपाल उपस्थित रहे।
