ट्रम्प ने भारत के चुनाव का गलत संदर्भ देते हुए अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया को भ्रष्ट बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत के चुनाव का गलत उल्लेख करते हुए अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया को भ्रष्ट बताया, जबकि भारत में कोई राष्ट्रपति चुनाव नहीं हुआ था। यह पोस्ट असल में ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में थी, जिसके लिए बाद में इसे संशोधित कर दिया गया।
ट्रम्प के विवादित बयान का संदर्भ और गलती
4 अक्टूबर, 2026 को ट्रम्प ने ट्वीट किया कि भारत में 125 मिलियन लोगों ने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान किया और परिणाम वोट बंद होने के तुरंत बाद आ गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका में चुनावों के परिणामों की घोषणाअक्सर हफ्तों लग जाती है, जो भ्रष्टाचार का उदाहरण है।
उन्होंने विशेष रूप से डेट्रायट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया समेत कई अमेरिकी शहरों और राज्यों का जिक्र करते हुए इस प्रक्रिया की तुलना भारत से की। हालांकि भारत में ऐसी कोई चुनाव प्रक्रिया नहीं हुई, और इस संदर्भ में स्पष्ट रूप से ब्राजील के चुनाव का जिक्र होना चाहिए था।
भारत और ब्राजील के चुनावों की स्थिति
ब्राजील ने 3 अक्टूबर को अपने राष्ट्रपति चुनाव का पहला चरण कराया जिसमें लगभग 125.27 मिलियन वैध वोट डाले गए। इस चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति लुइस इनासियो लुला दा सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबला है। चूंकि किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, अगले दौर का चुनाव 25 अक्टूबर को होगा।
वहीं भारत में जुलाई 2022 से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद पर हैं तथा भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता। राष्ट्रपति विपक्ष के चुने हुए संसदीय सदस्यों और विधायिका के सदस्यों के माध्यम से निर्वाचित होते हैं।
भारत में आम चुनावों में लोग लोक सभा और राज्य विधानसभा के सदस्यों को सीधे चुनते हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बहुमत वाली पार्टी या गठबंधन के नेता होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति या राज्यपाल नियुक्त करते हैं। भारत में 2024 के लोकसभा चुनाव में लगभग 980 मिलियन मतदाता थे।
पिछले महीनों में भी ट्रम्प ने भारतीय चुनाव प्रणाली, खासतौर से मतदाता पहचान प्रणाली का जिक्र अमेरिकी चुनाव सुधार के समर्थन में किया है। उन्होंने अगस्त 2026 में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के नाम से कहा था कि उन्होंने पूछा था कि बिना फोटो आईडी के अमेरिका में चुनाव कैसे होते हैं।
ट्रम्प ने अपने ‘SAVE America Act’ के लिए समर्थन जुटाने के लिए कहा था, जिसमें मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता प्रमाण और वोटिंग में बदलाव की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि भारत में 646 मिलियन मतदाताओं ने चुनाव में हिस्सा लिया था, जिनमें से 1% से भी कम ने डाक मत दिया था और सभी के पास वैध फोटो पहचान थी।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि विश्व की चुनाव प्रणालियों को लेकर भ्रम और गलत सूचनाएं फैलती हैं। इस बात से भारतीय चुनाव व्यवस्था के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है, खासकर जब अमेरिकी नेताओं द्वारा उनकी तुलना की जा रही हो।





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