PGCET काउंसलिंग राउंड 2 पर अनिश्चितता से अभ्यर्थी चिंतित

PGCET काउंसलिंग के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता ने सीट चाहने वाले अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ा दी है। कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने पहले दौर में सीट प्राप्त उम्मीदवारों के लिए फीस भुगतान की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ाई है, अब इसे 7 अक्टूबर, 2026 तक करने का निर्देश दिया गया है।
फीस जमा करने के बाद उम्मीदवारों को 8 अक्टूबर तक अपने कॉलेज में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए सीट पुष्टि स्लिप डाउनलोड करनी होगी। इस बीच, दूसरे दौर की काउंसलिंग को लेकर प्राधिकरण की कोई जानकारी नहीं मिलने से अभ्यर्थी असमंजस में हैं।
दूसरे दौर की काउंसलिंग पर सवाल
अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे को लेकर ऑनलाइन याचिका बनाई है, जिसमें 6508 उम्मीदवारों ने हस्ताक्षर किए हैं। वे ‘चॉइस एंट्री’ के लिए दूसरा दौर शुरू करने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को KEA कार्यालय में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब उम्मीदवारों ने जानकारी मांगने पर अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक की और जब उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की तो उन्होंने प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि “हजारों उम्मीदवारों को दूसरे दौर की काउंसलिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी ‘चॉइस एंट्री’ शुरू नहीं की गई। KEA कार्यालय में पहुंचकर जानकारी मांगने पर कर्मचारियों ने दुव्र्यवहार किया और हमें बाहर निकालने का प्रयास किया।”
काउंसलिंग में देरी के कारण और स्थिति
PGCET काउंसलिंग इस बार देरी से शुरू हुई क्योंकि तकनीकी शिक्षा विभाग ने सीट मैट्रिक्स समय पर नहीं सौंपा। AICTE ने PG पाठ्यक्रमों के लिए 15 अक्टूबर को क्लास शुरू करने का शेड्यूल जारी किया है। इसके बावजूद दाखिला प्रक्रिया पूरी न होने पर कई राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से दाखिला तिथि बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने AICTE के शेड्यूल को मानने को कहा।
KEA ने 25 सितंबर को पहले दौर के परिणाम घोषित किए जिसमें 23164 सीटें आवंटित हुईं। मगर अभी भी 9574 MCA, 2195 MBA और 1821 MTech सीटें बिना आवंटन हैं। KEA ने कहा था कि 29 सितंबर के बाद अगली प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया जाएगा, लेकिन अभी तक दूसरा दौर शुरू नहीं हुआ।
इसलिए, सीट चाहने वाले छात्रों के लिए स्थिति भ्रमित करने वाली बनी हुई है। वे अपनी दाखिला योजना, वित्तीय इंतजाम और बाकी तैयारी प्रभावित हो रही है। खासकर वे उम्मीदवार जो दूसरे दौर में सीट पाने या अपनी पसंद बदलने का इंतजार कर रहे हैं।
KEA अधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने AICTE के शेड्यूल को मानने को कहा है। प्रदेश सरकार ने अब कोर्ट से दाखिला तिथि बढ़ाने के लिए अपील की है, जिसका निर्णय आने के बाद आगे का रास्ता तय होगा। इस अनिश्चित स्थिति के कारण अभ्यर्थियों की पीड़ा बढ़ी है।




