जयनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता नामांकन हटाने की शिकायत, सवम्या रेड्डी ने उठाए मुद्दे

कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व जयनगर विधायक सवम्या रेड्डी ने जयनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता नामावली से मतदाताओं को हटाए जाने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले में अनियमितताओं का आरोप लगाया है जो स्थानीय चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
मतदाता नामांकन हटाने के आरोप
सवम्या रेड्डी ने सोमवार को दायर शिकायत में कहा कि वार्ड नंबर 171 (गुरुपनपलया) में अकेले 4,327 से अधिक मतदाता नामावली से हटाए गए हैं। वहीं, पूरे विधानसभा क्षेत्र में 5,698 फॉर्म-7 आवेदन नाम हटाने के लिए जमा किए गए हैं। उनके अनुसार यह कार्रवाई बिना उचित कारण के की गई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फॉर्म-7 आवेदन एक व्यक्ति लोकेश के कहने पर जमा कराए गए, जो भाजपा नेता और वार्ड नंबर 171 के प्रतिनिधि सी.के. राममूर्ती के साथ काम कर रहा है। इससे साफ है कि राजनीतिक कारणों से वोटरों को हटाने की कोशिश की गई।
जांच और सबूतों का हवाला
इस मामले की जांच पहले ही जयनगर के रिटर्निंग ऑफिसर ईश्वर नायडू और सहायक राजस्व अधिकारी रेखा द्वारा की जा चुकी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ कदम उठाए जाने की संभावना है।
सवम्या रेड्डी ने कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े वीडियो फुटेज और फोटो भी हैं जो उनकी शिकायत को प्रमाणित करते हैं। उन्होंने इन साक्ष्यों को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने की बात कही है ताकि सत्यापन किया जा सके।
यह मामला जयनगर क्षेत्र के चुनावी मामलों में एक बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है, क्योंकि मतदाता सूची से नाम हटाने से निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। इस पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सवम्या रेड्डी की शिकायत से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव अधिकारियों और प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी होगी। ताकि लोकतंत्र की पूर्णता बनी रहे और किसी भी तरह की मनमानी न हो।
जयनगर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी नामावली की स्थिति की जानकारी रखें और किसी भी अनियमितता पर तत्काल प्रतिक्रिया दें। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखना सभी का दायित्व है।
अगले कदम में प्रशासन और चुनाव आयोग इस मामले की जांच कर उपयुक्त कार्रवाई करेंगे। इसके परिणाम से जयनगर क्षेत्र में मतदाता नामांकन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता कायम करने में मदद मिलेगी।




