सुप्रीम कोर्ट आज राहुल गांधी की सेंटिव रिविजन (SIR) के खिलाफ याचिका सुनेगा

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करने का निर्णय लिया है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में हुई मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर पूर्ण पारदर्शिता की मांग की गई है।
यह याचिका मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा तैयार किए गए दस्तावेजों जैसे फाइलें, एजेंडें, मिनट्स और टिप्पणियों की सार्वजनिक जांच की मांग की गई है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष भी चल रहा है।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया और अगले कदम
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व वाले समूह ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जो लोकतंत्र की नींव को नुकसान पहुंचा रही हैं। भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली हाईकोर्ट में जन तौर पर जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में वापस घोषित करने की याचिका दायर की है।
जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन स्थल के डीनोटिफिकेशन (डिजाइनेशन हटाने) के बाद भाजपा और पुलिस प्रशासन के जुड़ाव को लेकर भी मुद्दे उठे हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गृह मंत्री अमित शाह पर पुलिस की तैनाती के जरिए विरोध प्रदर्शन रोकने का आरोप लगाया है।
लेहरा दो तिरंगा की रैली और युवा प्रदर्शनकारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कॉनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लेहरा दो तिरंगा’ रैली का आयोजन किया है। यह रैली अशुतोष रंका और सौरव दास के पांच दिन की न्यायिक हिरासत में जाने के बाद बुलाई गई है, जो कथित रूप से तिरंगा फहराने पर हिरासत में लिए गए थे।
प्रदर्शनकारी युवाओं में नई ऊर्जा दिख रही है, जो चुनाव आयोग में होने वाली पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। डीआईजी की निगरानी और पुलिस की बढ़ती उपस्थिति के बावजूद ये प्रदर्शन जारी हैं।
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो पर अपने ऊपर बिक्री निगरानी का आरोप लगाया है। उन्होंने टैक्सपेयर्स के पैसे के दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं। यह आरोप सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस पार्टी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा है कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। यह आंदोलन चुनाव आयोग में सुधार और शुद्धता की मांग को लेकर तेज होता जा रहा है, जो पूरे देश में राजनीतिक हलचल का कारण बना है।




