लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पुलिस पर हमले और वाहन तोड़फोड़ के मामले में नई FIR

दिल्ली के केंद्रीय इलाके में बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कम से कम दो नई FIR दर्ज की हैं। ये मामले चुनावी सूची में संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग से जुड़े हैं।
पुलिस कर्मियों पर हमला और वाहन क्षति के आरोप
नई FIR में आरोप लगाए गए हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मचारियों पर हमला किया और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बुधवार की भीड़ नियंत्रण के दौरान एक कांस्टेबल अंकित कासाना को लगभग 30-35 प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। उनकी युनिफॉर्म फाड़ने और नाखून व दांत से हमला करने का आरोप है। कांस्टेबल को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
इसके अलावा आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों ने पुलिस बस का टायर भी पंचर कर दिया था, जिसमें बंदी बनाए गए प्रदर्शनकारियों को ले जाया जा रहा था। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। पुलिस वाहन के शीशे भी तोड़े गए।
INDIA ब्लॉक के विरोध और पुलिस की तैयारी
यह मामला पिछले दिन 6 अक्टूबर को हुई INDIA ब्लॉक की दूसरी प्रदर्शन से अलग है, जिसमें राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को अकांशवाणी भवन में झड़प के बाद हिरासत में लिया गया था। विरोध का आधार विवादित चुनावी सूची संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर सवाल है, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है।
7 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और लगभग 80 अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने भीड़ को बसों में बिठाकर हिरासत केंद्रों में ले जाया। बाद में राहुल गांधी को बराखंबा रोड पुलिस स्टेशन पर रखा गया और कुछ घंटों बाद मुक्त किया गया।
कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, ए.ए. रहीम और शिवदासन भी गिरफ्तार हुए। पुलिस उच्चाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न संगठनों के बीच विरोध प्रदर्शन में नाटकबाजी बढ़ रही है, जिससे अधिक ध्यान आकर्षित होता है। वे सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
दिल्ली पुलिस ने अगले दिन 8 अक्टूबर को होने वाले नए INDIA ब्लॉक के विरोध के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। कई जगह बैरिकेड लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून तोड़ने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
लगातार हो रहे प्रदर्शन के कारण दिल्ली के केंद्रीय हिस्से में यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में प्रदर्शन की यह श्रृंखला चुनावी विवाद से उपजी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा मानी जा रही है।




