पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 17 बच्चे और शिक्षक की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से 17 बच्चे और एक महिला शिक्षक की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुखद घटना 15 अक्टूबर को दिर कॉलोनी के अंदरूनी इलाके में हुई।
दुर्घटना का विवरण और बचाव कार्य
पेशावर की राजधानी पुलिस के प्रमुख मियां SAEED के अनुसार, स्कूल की छत अचानक गिर गई जिससे कई छात्र और शिक्षक मलबे में दब गए। मृतक सभी बच्चे 13 वर्ष या उससे कम उम्र के थे। स्थानीय अस्पताल लेडी रीडिंग के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि घायलों का इलाज करने के लिए अस्पताल में आपातकाल घोषित किया गया है।
रेस्क्यू टीमों ने 25 घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया है। बचाव दल अभी भी मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों की तलाश कर रहा है। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन उचित जांच चल रही है।
सरकारी प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतक परिवारों को समर्थन दिया। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सबसे अच्छी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करें।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इस घटना ने पेशावर और पूरे प्रांत में शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता और रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
स्थानीय आम जनता और अभिभावकों ने सरकार से स्कूलों की नियमित जांच कराने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दुखद घटना ने शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है जिसके लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
पेशावर के अस्पतालों में अब घायल बच्चे और स्कूल कर्मचारी इलाज के तहत हैं और अस्पताल प्रशासन हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। यह हादसा शिक्षा संस्थानों की संरचनात्मक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है।




