प्रतिद्वंद्वी गादी आइजनकोट ने कहा चुने जाने पर 18 महीने में खत्म करेंगे हमास शासन

इज़राइल के मुख्य विपक्षी नेता गादी आइजनकोट ने 15 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि अगर उन्हें 27 अक्टूबर की आम चुनाव में प्रधानमंत्री चुना गया तो वे 18 महीने के अंदर गाजा में हमास शासन को समाप्त कर देंगे। आइजनकोट, जो यशर पार्टी के नेता हैं और पूर्व इज़राइली सेना प्रमुख भी रह चुके हैं, ने यह बयान गाजा सीमा के पास दिया।
आइजनकोट का प्रतिबद्धता और रणनीति
आइजनकोट ने कहा कि जब वे प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रवेश करेंगे, वे या तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम योजना को लागू करेंगे या सेना के “क्रिएटिव ऑपरेशन” के माध्यम से हमास की सैन्य शाखा को समाप्त करेंगे। अमेरिकी योजना हमास के धीरे-धीरे हथियार छोड़ने और सत्ता हस्तांतरण पर केंद्रित है। हालांकि, इस योजना को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
हमास ने जुलाई में सार्वजनिक किया था कि उसने अपनी शासकीय निकाय को भंग कर दिया है और एक तकनीकी समिति को गाजा प्रशासन सौंपने के लिए सहमति दी है, जिसे राष्ट्रीय समिति के रूप में जाना जाता है और यह काहिरा में स्थित है। तीन सालों की लड़ाई के बाद भी हमास हथियारबंद और सक्रिय है, जिसकी आलोचना आइजनकोट ने की।
चुनावी स्थिति और आलोचना
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आइजनकोट ने “रणनीतिक असफलता” का आरोप लगाया क्योंकि उनके अनुसार, गाजा में तीन साल बाद भी हमास पूरी तरह सशक्त और सक्रिय है। आइजनकोट ने सुरक्षा विफलताओं के लिए एक राज्य आयोग की स्थापना करने का भी वादा किया है।
चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद पहली बार हो रहे हैं, जिसमें 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के बाद इज़राइल ने गाजा में बड़ी सैन्य कार्रवाई की, जिसमें क़रीब 74,300 लोगों की मौत हुई है।
हाल के सर्वेक्षणों के अनुसार, ना तो नेतन्याहू की गठबंधन सरकार और ना ही आइजनकोट के नेतृत्व वाली विपक्षी गठबंधन 61 सीटें हासिल कर पाएंगी जोकि संसद में बहुमत के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा अरबी पार्टियों को भी संसद में 12 तक सीटें मिलने की संभावना है।
गाजा में युद्ध विराम की शर्तों के अनुसार इज़राइली सेना को 53% क्षेत्र में रहने की अनुमति थी, मगर एक साल बाद उन्होंने लगभग 70% क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। इसका इज़राइली सरकार के प्रति संदेह को बढ़ावा मिला है क्योंकि हमास ने अभी तक हथियार छोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
आइजनकोट की लोकप्रियता बढ़ रही है और उन्हें नेतन्याहू के मुकाबले अविश्वसनीय समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि गाजा में स्थिति को स्थिर करने के लिए स्थायी और रणनीतिक कदम आवश्यक हैं। उन्होंने दो-राज्य समाधान के समर्थन में भी अपनी सहमति जताई है।
आगे बढ़ते हुए, चुनाव परिणाम इज़राइल की करीब तीन वर्षों से जारी गाजा संघर्ष की रणनीति और सुरक्षा नीति के लिए महत्वपूर्ण होंगे। आइजनकोट और नेतन्याहू के बीच प्रतिस्पर्धा में देश की भविष्य की दिशा तय होगी।



