यमन के हूतीवादियों ने यानबू, दम्माम हवाई अड्डा और सऊदी रक्षा मंत्रालय पर हमला किया

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय, यानबू में अरामको सुविधाओं और दम्माम के किंग फैसल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले करने का दावा किया है। ये हमले 21 और 22 अक्टूबर 2026 को हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हुई और अन्य घायल हुए। सऊदी अधिकारियों ने घटनाओं की पुष्टि की है।
हमलों का विवरण और हताहत
हूती समूह, जो ईरान समर्थित हैं, ने दावा किया कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय, अरामको के यानबू में स्थित प्रतिष्ठानों और दम्माम के हवाई अड्डे को निशाना बनाया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि एक ड्रोन हमले को इंटरसेप्ट करने पर उसके मलबे से अरामको के तेल क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हुए। मरने वाले नेपाली और फिलिपीन के नागरिक थे, जबकि घायलों में पाकिस्तानी और भारतीय लोग शामिल हैं।
सऊदी अरब में यमन के हूतीयों के साथ जारी संघर्ष ने सालों की शांति के बाद जुलाई में फिर से जोर पकड़ा है। पिछले महीने हूतीयों ने देश की रेड सी तटरेखा पर नियंत्रण कर लिया था, जिससे संघर्ष और तेज हो गया।
सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया और जंग की पृष्ठभूमि
सऊदी अरब द्वारा नेतृत्व किया गया गठबंधन इस यमन के गृह युद्ध में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है। संघर्ष के नवीनीकरण के बाद से हजारों हवाई हमले किए गए हैं। यह जंग क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव और सुरक्षा से जुड़ी कई जटिलताओं का परिणाम है।
हूती समूह का सऊदी अरब पर ड्रोन हमले करने का यह ताजा मामला सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाता है। पिछले हमलों के कारण सऊदी तेल उत्पादन और आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक गंभीर चुनौती मान रही हैं।
सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि यानबू और रसद केंद्रों पर हुए हमले की पुष्टि अभी नहीं हुई है। हालाँकि, दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले की वजह से वहां दो लोगों की जान गई है।
हूती विद्रोहियों की यह घातक कार्रवाई सऊदी अरब के लिए सुरक्षा खतरे को बढ़ाती है, खासतौर पर तेल केंद्रों और हवाई अड्डों जैसे रणनीतिक स्थानों पर। इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ता है और वैश्विक ऊर्जा बाजार अनिश्चित हों जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि यमन संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय शक्तियों को मिलकर तनाव कम करने और शांति स्थापित करने के प्रयास जारी रखने होंगे, ताकि भविष्य में और हमले रोक सकें।




