90 किलो से 55 किलो हुए कंटेंट क्रिएटर मल्लिका फतेहपुरिया ने शेयर की वजन घटाने की 35 सीखें

कंटेंट क्रिएटर मल्लिका फतेहपुरिया ने 90 किलो से 55 किलो वजन कम करने के अपने सफर में 35 महत्वपूर्ण सीखें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। उन्होंने बताया कि वजन कम करने का मतलब केवल वजन कम होना नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक बदलाव भी हैं। मल्लिका ने 25 सितंबर को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इन अनुभवों को खुलकर बताया।
खाद्य संबंध में बदलाव और सही तरीका
मल्लिका ने बताया कि वजन घटाने में डायटिंग का मतलब खुद को वंचित करना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेल्दी खाना स्वादिष्ट हो सकता है और अपनी पसंदीदा डिश को कम कैलोरी में बनाया जा सकता है। उन्होंने पोर्शन कंट्रोल को अहम बताया और कहा कि ज्यादा तेल या मक्खन की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, वह खाने में छोटी-छोटी चीजों जैसे मापने के चम्मच और स्केल का उपयोग करने पर जोर देती हैं।
उसने यह भी स्पष्ट किया कि आप रोज डेजर्ट भी खा सकते हैं और फिर भी वजन कम कर सकते हैं। इसके लिए भोजन के पोषण लेबल को समझना जरूरी है। मल्लिका ने ये भी कहा कि भोजन को ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ नहीं माना जाना चाहिए और चीट मील कोई मायने नहीं रखती।
मानसिक परिवर्तन और संघर्ष
मल्लिका ने अपने वजन घटाने की यात्रा में सामाजिक दबाव और बाहरी रायों का सामना करने की बात की। उन्होंने कहा कि हर किसी की राय अलग होगी, लेकिन सबसे जरूरी है कि आप वह करें जो आपके लिए सही है। वे बताती हैं कि वजन कम करना सिर्फ शारीरिक बदलाव नहीं होता, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से भी बदलाव आता है।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वजन घटाने के दौरान कुछ दिन ऐसे भी आये जब वे अपने आप को पसंद नहीं करती थीं और कुछ दिन ऐसे थे जब उन्हें अपनी प्रगति पर गर्व था। यह सफर हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन आत्म-अनुशासन और निरंतरता जरूरी है।
मल्लिका ने फिटनेस की भी चर्चा करते हुए कहा कि हर दिन मोटिवेटेड रहना जरूरी नहीं होता, लेकिन अनुशासन से काम लेना चाहिए। उन्होंने वॉकिंग को बहुत जरूरी बताया और कहा कि यह अक्सर अंडररेटेड होता है। उनके अनुसार, कोई नया आउटफिट खरीदने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षक और न्यूट्रिशनिस्ट की मदद लेना बेहतर होता है।
मल्लिका ने यह भी बताया कि वजन कम करने की प्रक्रिया को जीवनशैली बनाना ज़रूरी है, ताकि लंबे समय तक इसे जारी रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह कोई डाइट नहीं बल्कि आपकी जिंदगी है, जिसे आपको अपनाना होगा। उन्होंने अपने पोस्ट में अपरिहार्य और प्रामाणिक सुझाव दिए जो वजन घटाने में रुचि रखने वालों के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
इस अनुभव ने यह दिखाया कि वजन घटाने के दौरान खाने-पीने, मानसिक सोच, सामाजिक दबाव और फिटनेस, सभी पहलुओं पर सामंजस्य होना चाहिए। वहीं, संयम, नियमितता और समझदारी से कोई भी इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। यह सीख नए प्रयास करने वालों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शन है।
मल्लिका की यह यात्रा और उनके अनुभव सोशल मीडिया पर वजन घटाने के मिथकों को तोड़ने वाली जानकारी के रूप में महत्व रखती है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि वजन कम करना केवल फिजिकल कदम नहीं बल्कि एक पूरी जीवनशैली में बदलाव है जो आत्मविश्वास और खुशहाली भी लेकर आता है।




