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आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची के SIR की समय सीमा 24 जुलाई तक बढ़ी

चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश में विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत मतदान सूची के घर-घर जांच कार्य की समय सीमा 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। इससे मतदाता सूची का प्रारूप 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा और अंतिम सूची 3 अक्टूबर को जारी होगी।

यह निर्णय आयोग ने 14 जुलाई को लिया, जबकि मूल रूप से 14 जुलाई तक ही यह प्रक्रिया पूरी होनी थी। इस विस्तार के पीछे मुख्य निर्वाचन अधिकारी की मांग और विभिन्न राजनीतिक दलों की सहमति रही, जिन्होंने प्रक्रिया को जारी रखने के लिए अधिक समय की मांग की थी। अब बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वेक्षण और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का काम भी 24 जुलाई तक पूरा किया जाना है।

निर्वाचन प्रक्रिया की नई समय सीमा

नई योजना के तहत मतदाता सूची का प्रारूप 31 जुलाई को जारी होगा। इसके बाद दावा-आपत्ति की अवधि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक होगी और उनका निपटारा 28 सितंबर तक पूरा होगा। अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को प्रकाशित होगी, जिसके लिए 1 जुलाई 2026 को पात्रता तारीख माना जाएगा। आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन परिवर्तनों की पर्याप्त जानकारी सभी पक्षों को, खासकर राजनीतिक दलों को, समय से दें।

मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोग ने इस प्रक्रिया को व्यापक रूप से प्रचारित करने का भी निर्देश दिया है ताकि सभी हितधारक आवश्यक अपडेट से वाकिफ रहें। इस विस्तार से मतदान सूची की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ाने में मदद मिलेगी जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगा।

फार्म का डिजिटलीकरण लगभग पूरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कुल 4.16 करोड़ मतदाताओं को मतदान फार्म 13 जुलाई तक वितरित कर दिए गए हैं। इनमें से 98.32% फार्मों का डिजिटलीकरण भी लगभग पूरा हो चुका है। परवथिपुरम मण्यम, अल्लुरी सीताराम राजू और एलुरु जिले ने इस काम को पूरी तरह पूरा कर लिया है।

हालांकि, एनटीआर जिले में 95.43%, श्री पोत्ति श्रीरामुलु नेल्लोर में 95.67%, वाई.एस.आर. कडप्पा में 96.40% और विशाखापत्तनम में 96.56% फार्म डिजिटलीकृत हुए हैं। यह जिलें लगभग सात लाख बचे हुए फार्मों के डिजिटलीकरण का कार्य कर रहे हैं। लगभग 46,397 बूथ स्तर अधिकारी अभी भी इस कार्य में लगे हुए हैं, जिनके लिए नए विस्तारित शेड्यूल में आवश्यक समय दिया गया है।

निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि इस विस्तारित समय में सभी बचे हुए कार्य पूर्ण हों और अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह से अपडेटेड और विश्वसनीय हो। इससे आगामी चुनावों में कोई बाधा नहीं आएगी और मतदाता सूची में कोई त्रुटि या विसंगति नहीं रहेगी।

इस समय विस्तार से चुनाव की तैयारी सुचारू रूप से चल रही है, और आंध्र प्रदेश की जनता को एक सही और अद्यतित मतदाता सूची उपलब्ध होगी। राजनीतिक दलों ने भी इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। यही कारण है कि आयोग ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।

राज्य के चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जुटाई गई यह विस्तृत जानकारी और प्रक्रिया चुनाव आयोग को एक सटीक मतदाता सूची तैयार करने में मदद करेगी। यह कदम आगामी चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।

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