भारत में उद्यमिता बढ़ने में AI का बढ़ता योगदान

भारत में उद्यमिता के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। LinkedIn के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रोफाइल पर ‘Founder’ जोड़ने वाले सदस्यों की संख्या में 104% की सालाना वृद्धि हुई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है। इस बदलाव के पीछे नई पीढ़ी के उद्यमियों का उदय और उनकी उच्च महत्वाकांक्षाएं हैं।
AI और डिजिटल उपकरण से बढ़ा उद्यमियों का आत्मविश्वास
आज की पीढ़ी में AI और डिजिटल टूल्स ने उद्यमिता के लिए जो बाधाएं थीं, उन्हें काफी हद तक कम कर दिया है। भारत के चार में से पांच संस्थापक मानते हैं कि उद्यमिता अब किसी भी पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए सुलभ हो गई है। वहीं, 81% का कहना है कि आज उद्यमिता करना पहले से कहीं अधिक संभव हो गया है। युवा उद्यमी इस बदलाव को सबसे ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं।
विशेष रूप से Gen Z उद्यमी AI और डिजिटल उपकरणों को अपने व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण बताते हैं। ये उपकरण उनके नए व्यवसाय शुरू करने के आत्मविश्वास में इजाफा करते हैं। उनका मानना है कि सफलता अब आर्थिक लाभ के साथ-साथ स्वतंत्रता और व्यक्तिगत विकास में भी निहित है।
नेटवर्किंग और व्यक्तिगत ब्रांडिंग का महत्व
व्यवसाय की सफलता के लिए मजबूत नेटवर्किंग आवश्यक है। भारत के 80% उद्यमी मानते हैं कि उनका पेशेवर नेटवर्क उनके व्यवसाय को शुरू करने या बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा है। साथ ही, लगभग दो तिहाई उद्यमी अपने आप को कंटेंट क्रिएटर के रूप में पहचानते हैं, जो दर्शाता है कि आज के व्यवसाय में व्यक्तिगत ब्रांडिंग और दर्शक बनाना कितना जरूरी हो गया है।
Gen Z उद्यमी अधिक जोखिम लेने के लिए तैयार हैं और वे अपने व्यवसाय की दिशा में प्रयोगात्मक रवैया अपनाते हैं। यह पीढ़ी अपनी विविध आय के स्रोतों के माध्यम से करियर को नए रूप में परिभाषित कर रही है जिससे वे काम और आय पर नियंत्रण रख सकें।
LinkedIn इंडिया के कंट्री मैनेजर, कुमारेश पताबिरामन का कहना है कि भारत की उद्यमशीलता की भावना हमेशा मजबूत रही है, लेकिन अब AI के कारण लोग जल्दी और अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को व्यवहार में ला पा रहे हैं। AI ने उन बाधाओं को खत्म कर दिया है जो कभी उद्यमिता शुरू करने में रोड़ा बनती थीं।
इस परिवर्तन के साथ ही ‘‘पोर्टफोलियो युग’’ का उदय हो रहा है, जहां पेशेवर कई आय स्रोत बनाकर करियर की परिभाषा बदल रहे हैं। यह बदलाव भारतीय युवाओं के काम करने के नए स्वरूपों और उनके उद्यमिता दृष्टिकोण को दर्शाता है।
भारत में उद्यमिता का यह नया दौर न केवल आर्थिक अवसरों को बढ़ा रहा है बल्कि युवाओं में आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को भी प्रोत्साहित कर रहा है। इस दिशा में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे देश में स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूती मिल रही है।




