Amitabh Bachchan की ‘जंजीर’ पहले धर्मेंद्र को हुई थी ऑफर, दिलीप कुमार ने भी ठुकराई फिल्म; ऐसे चमकी किस्मत

नई दिल्ली, दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन साल 1973 में रिलीज हुई फिल्म ‘जंजीर’ उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म ने अमिताभ को नई पहचान दिलाई और उन्हें एक गंभीर तथा आक्रामक नायक के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, इस फिल्म तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। उनसे पहले कई बड़े सितारों के नाम पर विचार किया गया था।
धर्मेंद्र खुद करना चाहते थे मुख्य भूमिका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जंजीर’ की कहानी सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखी थी। धर्मेंद्र को यह कहानी पसंद आई थी और उन्होंने सलीम खान से इसे ढाई हजार रुपये में खरीदा था। उनकी योजना फिल्म में खुद मुख्य भूमिका निभाने की थी। फिल्म को धर्मेंद्र के भाई अजीत और प्रकाश मेहरा मिलकर बनाने वाले थे।
लेकिन अजीत और प्रकाश मेहरा के बीच अनबन होने के बाद फिल्म बनाने की योजना प्रभावित हो गई। इसके चलते धर्मेंद्र भी इस परियोजना से अलग हो गए। बाद में प्रकाश मेहरा ने फिल्म को खुद बनाने का फैसला किया और मुख्य भूमिका के लिए दूसरे अभिनेताओं पर विचार शुरू किया।
दिलीप कुमार ने ठुकराया प्रस्ताव
प्रकाश मेहरा ने ‘जंजीर’ में मुख्य भूमिका के लिए सबसे पहले दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से संपर्क किया था। हालांकि, उन्होंने फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजेश खन्ना का नाम भी सामने आया। उस समय राजेश खन्ना रोमांटिक फिल्मों के जरिए लोकप्रियता हासिल कर चुके थे, लेकिन वह भी इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए।
सलीम-जावेद ने सुझाया अमिताभ बच्चन का नाम
जब फिल्म के लिए उपयुक्त अभिनेता की तलाश जारी थी, तब पटकथा लेखक सलीम-जावेद ने प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया। अमिताभ फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के साथ काम कर चुके थे। उनके अभिनय को सराहना मिली थी, लेकिन उन्हें मुख्य भूमिका में बड़ी व्यावसायिक सफलता का इंतजार था।
प्रकाश मेहरा ने आखिरकार अमिताभ बच्चन को फिल्म में लेने का फैसला किया। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह चयन अभिनेता के करियर की दिशा बदल देगा।
‘जंजीर’ ने बनाया एंग्री यंग मैन
साल 1973 में रिलीज हुई ‘जंजीर’ सफल रही। फिल्म में अमिताभ बच्चन के गंभीर, सख्त और आक्रामक अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद उनकी पहचान ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में बनने लगी। जया बच्चन के साथ उनकी जोड़ी भी दर्शकों को पसंद आई।
इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन के लिए एक नए दौर की शुरुआत की। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग उनकी एक्शन प्रधान छवि लोकप्रिय हुई और हिंदी सिनेमा में उनका कद लगातार बढ़ता गया। ‘जंजीर’ आज भी उनके करियर का निर्णायक मोड़ मानी जाती है।

