अरविंद श्रीनिवास IIT मद्रास में CSE से 0.01 अंक से चूक गए, MIT से रिजेक्ट; अब हैं 20 बिलियन डॉलर के

चेन्नई के अरविंद श्रीनिवास, जो परप्लेक्सिटी AI के सह-संस्थापक और CEO हैं, ने IIT मद्रास में अपने पसंदीदा कोर्स कंप्यूटर साइंस में सिर्फ 0.01 अंक से कम पर रहकर प्रवेश नहीं पा सके। इसके बाद MIT से भी अस्वीकृति मिली, लेकिन उन्होंने इन असफलताओं को सफलता में बदला और आज उनकी नेट वर्थ 2.1 बिलियन डॉलर है।
शुरुआती संघर्ष और विकट परिस्थितियां
अरविंद ने IIT मद्रास में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। अपने पहले सेमेस्टर के बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस में शाखा बदलने का प्रयास किया लेकिन उन्हें CGPA कट-ऑफ से केवल 0.01 अंक कम मिलने के कारण उनका स्विच नहीं हो पाया। यह उनके लिए बड़ा झटका था। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह बहुत निराश थे।
इस नाकامی ने उन्हें प्रोग्रामिंग सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऑनलाइन कोर्स और कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग साइट्स से सीखना शुरू किया। वह अपनी असफलता को साबित करने के लिए और बेहतर बनने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे।
शिक्षा और करियर की दिशा
अरविंद को ट्यूरिंग पुरस्कार विजेता योशुआ बेंगियो के साथ इंटर्नशिप का अवसर मिला, जिन्होंने उन्हें पीएचडी के लिए सिफारिश भी की। हालांकि MIT ने उन्हें अस्वीकार कर दिया, लेकिन बर्कले ने उन्हें प्रवेश दिया।
बर्कले में, उन्होंने जॉन शुलमैन से मुलाकात की, जो OpenAI के साथ जुड़े थे। जॉन ने उनके काम को देखा और उन्हें OpenAI में इंटर्नशिप का मौका दिया। यह उनके करियर का बड़ा मोड़ था।
इंटर्नशिप के बाद, अरविंद ने 2019 से 2021 तक डिपमाइंड और गूगल जैसे टॉप AI लैब्स में काम किया। 2021 में वे फिर से OpenAI में शामिल हुए, लेकिन जल्दी ही उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। अगस्त 2022 में उन्होंने परप्लेक्सिटी AI के सह-संस्थापक और CEO के रूप में काम शुरू किया।
आज, Forbes के अनुसार, अरविंद श्रीनिवास की कुल संपत्ति 2.1 बिलियन डॉलर है, जो उन्हें भारत के सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक बनाती है। उनकी कहानी साबित करती है कि असफलताएं अंत नहीं बल्कि सफलता की शुरुआत हो सकती हैं।
उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर व्यक्ति कड़ी मेहनत और लगन से काम करे तो कोई भी बाधा उसे सफल होने से रोक नहीं सकती। अरविंद का उदाहरण युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो अपने सपनों को पूरा करने की चाह रखते हैं।




