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CJP का तिरंगा विरोध प्रदर्शन: जॉन ब्रिट्टास समेत 100 प्रदर्शनकारी सेंटरल पार्क पहुंचे, दीपक और नेहा गिरफ्तार

दिल्ली में CJP द्वारा आयोजित ‘तिरंगा मार्च’ के दौरान शुक्रवार को कई प्रदर्शनकारी और नेता सक्रिय रहे। इस दौरान जॉन ब्रिट्टास सांसद, युवाओं के साथ लगभग 100 प्रदर्शनकारी सेंटरल पार्क, कन्नॉट प्लेस पहुंचे। पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन को लेकर सख्ती दिखाई और कुछ प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया।

नेहा बोरा और अभिजीत दीपक की गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने AISA की नेहा बोरा को मंडी हाउस सर्कस के पास हिरासत में लिया, जहां वह तिरंगा लिए हुए कन्नॉट प्लेस की ओर मार्च कर रही थीं। AISA ने आरोप लगाया कि नेहा को पुलिस ने अलग-थलग कर हिरासत में लिया है और उनकी सुरक्षा के बारे में चिंता जताई। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपक को उनके निवास के बाहर ही पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया, जब वह Anish Gawande के निवास से बाहर निकले थे।

पुलिस ने अभिजीत दीपक को कन्नॉट प्लेस इलाके में लागू धारा 163 के तहत रोक-टोक व निवारक हिरासत में लिया। दीपक ने यह भी कहा कि अगर तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़े तो वे तैयार हैं।

प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच टकराव

SFI, DYFI, AISF और AIYF जैसे कई छात्र और युवा संगठन भी इस मार्च में शामिल हुए। ये संगठन CJP के सांसदों के साथ मिलकर सीपी के सेंटरल पार्क तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कई जगह नाकाबंदी करके उनको रोका।特别कर जानपथ-टॉलस्टॉय मार्ग को बंद कर दिया गया था ताकि प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने में रुकावट आए।

वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी नयी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के पास तिरंगा मार्च निकाला। AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार है, जिसे कोई भी रोक नहीं सकता।

इसके अलावा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने खबर दी कि कन्नॉट प्लेस इलाके में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। NDMC ने प्रशासनिक कारणों से सेंटरल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को जनता के लिए बंद कर दिया है। पुलिस ने लोगों से विरोध प्रदर्शनों में भाग न लेने की अपील भी की है, साथ ही व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी है।

इन सबके बीच, CJP और उससे जुड़े समूहों ने चुनाव आयोग के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जारी रखा है। वे SIR के रद्द करने और ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन दिल्ली में लगातार छठे दिन भी जारी रहे।

इस क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी संख्या में कर्मी और कैपफ फोर्स तैनात की है, जिनकी संख्या 6000 से ज्यादा बताई गई है। पुलिस का कहना है कि इस मार्च को कोई अनुमति नहीं दी गई है और सुरक्षात्मक कारणों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सप्रीम कोर्ट ने भी NDMC के सेंटरल पार्क बंद करने के आदेश पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे।

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