हैदराबाद के शहरी शासन में सुधार के लिए नई CURE कानून लागू

तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के शहरी प्रशासन में बड़ा बदलाव लाने के लिए नया कानून लागू किया है। यह कानून Core Urban Region (Integrated Governance) Act, 2026 है, जो पुराने GHMC कानून की जगह लेता है। यह कानून 2,053 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है, जो हैदराबाद, रंगारेड्डी और मेडलचाल-मलकाजगिरी जिलों के बाहर रिंग रोड के अंदर आता है।
नया शासन ढांचा और समेकित सेवाएं
इस नए कानून में तीन नगरपालिका निगमों- GHMC, साइबराबाद नगरपालिका निगम (CMC) और मल्काजगिरी नगरपालिका निगम (MMC) को एक साथ लाने और समन्वयित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए CURE Apex Governance Council बनाया गया है। इस परिषद का नेतृत्व मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी करेंगे। नगर निगमों के साथ ही पुलिस, राजस्व विभाग, HMDA, जल आपूर्ति बोर्ड समेत कई एजेंसियां इस समूह में शामिल होंगी ताकि शहरी मुद्दों पर साझा निर्णय लिए जा सकें।
कानून के तहत संपत्ति पंजीकरण के बाद म्युटेशन की प्रक्रिया अपने आप शुरू हो जाएगी, जिससे अलग आवेदन की जरूरत खत्म हो जाएगी। हर संपत्ति के लिए एक Integrated Property Identity Code दिया जाएगा। साथ ही, संपत्ति कर, जल और सीवरेज शुल्क सहित अन्य करों का समेकित बिल CURE-1 के नाम से जारी किया जाएगा।
शहरी विकास के लिए विशेष प्रावधान
यह नया कानून 1955 में लागू पुराने कानून की जगह लेता है, जब हैदराबाद की आबादी लगभग 15 लाख थी। अब CURE क्षेत्र में करीब 1.3 करोड़ लोग रहते हैं, जिसके चलते बाढ़, ट्रैफिक जाम, जल संकट, और अतिक्रमण जैसी चुनौतियां बढ़ गई हैं। यह नया कानून इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
इसके अलावा, बिल्डिंग परमिट के लिए एकल ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा और अनुमति आवेदन निर्धारित अवधि में मंजूर न होने पर अगली प्रक्रिया में भेजे जाएंगे। कुछ मामलों में स्वीकृति स्वतः मान्य मानी जाएगी। संपत्ति कर मूल्यांकन भी नयी पंजीकरण विभाग निर्देशिका मूल्य के आधार पर होगा, लेकिन कर वृद्धि सालाना 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
सड़क खुदाई कार्यों के समन्वय के लिए एक Utility Coordination Committee होगी, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के लिए CURE Traffic Management and Road Safety Authority गठित की जाएगी। वहीं HYDRAA को झीलों, नालों, पार्कों में अतिक्रमण और कूड़ा निपटान के मामलों में अधिकार मिला है।
यह कानून आपदा प्रबंधन के लिए साझा ढांचे का प्रावधान करता है और जोखिम आधारित अग्नि ऑडिट भी निर्धारित करता है। शहरी योजना में लिंग समावेशन तथा महिलाओं, ट्रांसजेंडर, विकलांग, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।
पुराने कानून की कई अप्रासंगिक धारणाओं, जैसे तांगा, जटका, घोड़े, ऊंट, हाथी पर कर, हटाकर इसे आधुनिक बनाया गया है। यह कदम हैदराबाद के शहरी विकास को एक नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण प्रयास है।




