अंतर्राष्ट्रीय

इज़राइल के अटॉर्नी जनरल ने चुनावी धोखाधड़ी का सबूत मांगा

इज़राइल के अटॉर्नी जनरल गली बहारव-मियारा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को देश की खुफिया एजेंसी शिन बेट को अरबी इज़राइली पार्टियों द्वारा चुनावी धोखाधड़ी के आरोपों की जांच से जुड़ी प्रगति का विवरण साझा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब तक कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रमाण है तो उसे जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए।

शिन बेट की जांच और आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी, जो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी सहयोगी हैं, ने अरबी पार्टियों के नेताओं से पूछताछ करने की अनुमति मांगी है। यह पूछताछ पिछले मंगलवार के विधायिका चुनावों में संभावित चुनावी धोखाधड़ी के मामले में हो सकती है।

गली बहारव-मियारा ने यह भी कहा कि शिन बेट या अन्य कोई एजेंसी बिना ठोस सबूतों के किसी की जांच नहीं करेगी। उन्होंने शिन बेट पर आरोप लगाया कि वे अपनी जांच से संबंधित सामग्री को विशेष जांच टीम के सामने पेश करने में असफल रहे हैं, जो उनकी निगरानी में है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और अगली कार्रवाई

प्रधानमंत्री नेतन्याहू की पार्टी, लिकुड, ने अटॉर्नी जनरल के बयान पर प्रतिक्रिया दी और उनपर “जांच में बाधा डालने” का आरोप लगाया। लिकुड ने कहा कि वह चुनावी प्रक्रिया में विदेशी हस्तक्षेप के गंभीर मामले को छिपा रही हैं।

इस विवादित स्थिति के बीच, नेतन्याहू के साथ लंबे समय से जुड़े दक्षिणपंथी दल, जैसे बेंजामिन बेन गवीर की Jewish Power और बेज़ालेल स्मोट्रिच के Religious Zionism, ने राजनीतिक ताकत वापस पाने की उम्मीद जताई है।

अटॉर्नी जनरल का यह कहना कि शिन बेट या अन्य एजेंसियां अगर मुकदमा खोलने के लिए आवश्यक सबूत रखती हैं, तो वे उसे प्रस्तुत करें, जांच की पारदर्शिता को बढ़ावा देने का संकेत देता है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।

वर्तमान में यह जांच जारी है और कोई निश्चित निष्कर्ष सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद इज़राइल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जो आगामी चुनावों और देश के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

इज़राइल में राजनीतिक बदलाव और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर यह मामला गहराता जा रहा है। अटॉर्नी जनरल की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी। निकट भविष्य में इस मामले में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Source

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button