रियल मैड्रिड ने किलियन एम्बाप्पे के माओ पर विवादित बयान पर चीनी नागरिकों से माफी मांगी

रियल मैड्रिड ने 28 अक्टूबर 2026 को किलियन एम्बाप्पे के चीन के पूर्व नेता माओ ज़ेडॉन्ग को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद चीनी जनता से माफी मांगी। एम्बाप्पे ने माओ के बारे में ‘तानाशाह’ शब्द का प्रयोग किया था, जिससे चीन में आलोचना हुई और कई चीनी ब्रांडों ने उनके साथ सहयोग समाप्त कर दिया।
क्या हुआ था एम्बाप्पे ने?
27 अक्टूबर 2026 को एम्बाप्पे ने एक फ्रेंच पॉडकास्ट में एक मजाकिया मीम का ज़िक्र किया, जिसमें उनका चेहरा एक ‘चीन के तानाशाह’ के रूप में दिखाया गया था। इस टिप्पणी के बाद उनका वीडियो हटाया गया और विवाद शुरू हो गया। उनकी इस टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया आई और उन्होंने बाद में माफी भी मांगी।
हालांकि, विवाद ने कई चीनी कंपनियों को उनसे अपने सहयोग को समाप्त करने पर मजबूर कर दिया। इनमें डairy कंपनी मंगनिउ, शंघाई मिल्कग्राउंड फूड टेक और ईस्ट्रोक बिवरेज शामिल हैं।
रियल मैड्रिड की प्रतिक्रिया
रियल मैड्रिड ने एक बयान जारी कर कहा, “हमारे खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे के हालिया शब्दों से चीनी जनता को हुई असुविधा के लिए हम खेद प्रकट करते हैं।” क्लब ने चीन, उसकी संस्कृति और इतिहास के प्रति गहरा सम्मान जताया है और कहा कि वे चीन के लाखों प्रशंसकों के प्रति भी सम्मानित हैं।
यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि चीन के बाजार में किसी भी सांस्कृतिक या राजनीतिक विवाद से ब्रांड्स और खिलाड़ियों को कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। माओ ज़ेडॉन्ग की आलोचना चीन में सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि वह आधुनिक चीन के संस्थापक नेता माने जाते हैं।
एम्बाप्पे पर यूरोपीय प्रेस में “तानाशाह” कहा जाता रहा है, और उनके चेहरे वाले मीम्स अक्सर राजनीतिक या सैन्य नेताओं की तस्वीरों पर चिपकाए जाते हैं, जिससे उनकी टीमों में प्रभावशाली भूमिका का संकेत मिलता है।
28 अक्टूबर को जब चाइनीज विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन से एम्बाप्पे की माफी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हम उस व्यक्ति द्वारा की गई माफी को गंभीरता से लेते हैं।”
इस पूरे मामले ने यह साफ किया कि दुनिया के बड़े फुटबॉल खिलाड़ी और उनके क्लबों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सांस्कृतिक संवेदनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है, खासकर बड़ी दुकानों और बाजारों में जैसे कि चीन।
मुख्य तथ्य
- किलियन एम्बाप्पे ने माओ ज़ेडॉन्ग को ‘तानाशाह’ कहा था।
- चीन की कई कंपनियों ने एम्बाप्पे के साथ सहयोग समाप्त कर दिया।
- रियल मैड्रिड ने चीन और उसके लोगों से माफी मांगी।
- चीन ने एम्बाप्पे की माफी को गंभीरता से लिया है।




