महिषासुर की प्रतिमा के आसपास चामुंडी हिल्स पर पुलिस ने प्रतिबंध लगाया

मिसूरु शहर पुलिस ने 9 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 11 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक चामुंडी हिल्स पर महिषासुर की प्रतिमा के चारों ओर 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है। यह कदम महिषा मंडलोत्सव आयोजन समिति द्वारा महिषासुर की प्रतिमा को माल्यार्पण करने की योजना को रोकने के लिए उठाया गया है।
प्रतिबंध का उद्देश्य और समय
सिटी पुलिस कमीश्नर सीमा लटकड़ ने इस आदेश के तहत जनता की भीड़-भाड़ और आयोजन के विरोध के संभावित प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की है। आदेश के अनुसार, 9 से 11 अक्टूबर तक कराए गए प्रतिबंध से इलाके में गैरकानूनी सभाओं और प्रदर्शन की संभावना कम हो जाएगी।
महिषा मंडलोत्सव का आयोजन दस अक्टूबर को होना था, जो दसरा त्योहार से एक दिन पहले है। यह त्योहार चामुंडी हिल्स पर बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है, इसलिए पुलिस ने सुरक्षा के कारण यह कदम उठाया है।
सुरक्षा कारण और आदेश की विस्तार
सीमा लटकड़ ने बताया कि इस आदेश के पीछे खुफिया स्रोतों से मिली जानकारी भी थी कि कुछ संगठन महिषा दसरा समारोह का विरोध कर सकते हैं। इसके कारण आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उसे गैरकानूनी सभा माना जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी किया गया है।
महिषा मंडलोत्सव समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम ने सीमा लटकड़ को महिषासुर की प्रतिमा पर शनिवार सुबह 8:30 बजे माल्यार्पण करने का अनुरोध भी किया था। इसके बाद ही टाउन हॉल में बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा को भी माल्यार्पण करने के साथ मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया जाना था।
लेकिन पुलिस ने इन आयोजनों को रोककर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। चामुंडी हिल्स पर बड़ी संख्या में जुटने वाले भक्तों और आयोजकों के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन करने वालों के आपसी संघर्ष की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
यह प्रतिबंध सिर्फ महिषासुर की प्रतिमा के आसपास 200 मीटर के दायरे में लागू किया गया है ताकि वहां शांति बनी रहे। पुलिस अधिकारियों ने इस आदेश के अनुपालन के लिए जनता से सहयोग की अपील की है।
इस प्रकार, चामुंडी हिल्स पर महिषासुर की प्रतिमा के आसपास सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधात्मक आदेश लगाए गए हैं जिससे त्योहार के दौरान किसी भी विवाद या परेशानी से बचा जा सके।




