पूर्व CBI प्रमुख नागेश्वर राव ने अविमुक्तेश्वरानंद के साथ पार्टी की शुरुआत की

पूर्व केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) निदेशक एम. नागेश्वर राव ने वाराणसी से सर्वजन सनातन पार्टी की शुरुआत की है। इस पार्टी के मुख्य मेंटर और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नियुक्त हुए हैं।
राजनीतिक डगर पर नागेश्वर राव का नया कदम
करीब 40 साल के सिविल सेवा और पुलिस प्रशासन के बाद नागेश्वर राव ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया है। उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी को इस तरह से स्थापित किया है कि यह आर्थिक विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी मजबूत करे। पार्टी का उद्देश्य मुफ्त शिक्षा, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा और युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों तथा छोटे कारोबारियों के लिए अवसर प्रदान करना है।
पार्टी का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य मंदिरों और तीर्थ स्थलों का संरक्षण कर उन्हें जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में बनाए रखना भी है। नागेश्वर राव ने बताया कि असली सेक्युलरिज्म समान व्यवहार में है, जहां जाति, क्षेत्रीय भेद या धार्मिक विभाजन के बिना सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का समान अवसर मिले।
सर्वजन सनातन पार्टी के उद्देश्य और भविष्य की योजना
1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी राव ने काशी से इस नए राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि काशी भारत की आध्यात्मिक राजधानी है, जबकि दिल्ली केवल प्रशासनिक और राजनीतिक राजधानी है। पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष ऋतु राठौर और महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी जैसे नेता भी शामिल हैं।
पार्टी का आदर्श वाक्य है “आधुनिक भारत, जिसके गहरे सनातन सांस्कृतिक आधार हैं”। राव का कहना है कि पार्टी इतिहास में वापस लौटना नहीं चाहती, बल्कि एक आधुनिक भारत बनाएगी जो अपनी सांस्कृतिक और संवैधानिक जड़ों से जुड़ा हो।
सर्वजन सनातन पार्टी ने राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ दिया है। यह पार्टी तीन से चार महीनों में तेलुगु भाषी राज्यों से उभरने वाली पांचवीं राजनीतिक पार्टी बन गई है। तेलंगाना के एक प्रमुख नेता के नेतृत्व में और शंकराचार्य की आध्यात्मिक आधिकारिता से समर्थित, यह नया राजनीतिक संगठन देश के कई महत्वपूर्ण इलाकों में चुनाव लड़ेगा।
पार्टी उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। साथ ही, यह हिंदू समर्थक पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए भी खुला है, खासकर 2027 में होने वाले चुनावों में।
हालांकि, नागेश्वर राव ने स्पष्ट किया है कि वे विधानसभा या लोकसभा चुनावों में भाग नहीं लेंगे, बल्कि मार्गदर्शक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। वह हिंदू सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों पर सक्रिय हैं और उन्होंने ‘A Quiver Full of Arrows’ नामक पुस्तक भी लिखी है। इस तरह, उनकी राजनीतिक यात्रा धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में नए संवाद की शुरुआत कर रही है।




