पाकिस्तान पीएम शरीफ ने इमरान खान की पार्टी को वार्ता के लिए बुलाया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को राजनीतिक विवादों को बातचीत के माध्यम से हल करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पार्टी से राजधानी इस्लामाबाद की ओर अपने लंबी मार्च को रोकने की भी अपील की।
वार्ता का आमंत्रण और PTI का लंबा मार्च
PTI ने 4 अक्टूबर को खैबर-पख्तूनख्वा के लक्की मरवट से लंबा मार्च शुरू किया था, जिसका उद्देश्य इस्लामाबाद पहुंच कर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए सरकार पर दबाव बनाना था। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मुद्दों को बातचीत से सुलझाने के प्रयासों के बावजूद लंबा मार्च फिर से शुरू हो रहा है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।
शहबाज़ शरीफ ने इस्लामाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए बताया कि PTI और सरकार के बीच दो दिन तक बातचीत हुई, जिसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) भी शामिल थी। बातचीत का मकसद राजनीतिक मतभेदों को शांति से खत्म करना था, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी।
बातचीत की विफलता और आगे की आशंकाएं
पीएम ने कहा कि PTI का उद्देश्य ही वार्ता को विफल करना था। वह बातचीत के दौरान पहले से तय कर दिये गए कुछ मुद्दों में बदलाव की मांग कर रहे थे। आखिरी बातचीत शनिवार को शुरू हुई और रविवार की सुबह तक चली, लेकिन खान से जेल में मिलने के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई।
PTI ने जेल में खान से मिलने की शर्त पर प्रदर्शन खत्म करने की बात कही, जबकि सरकार का कहना था कि मार्च को खत्म किया जाए तब ही मुलाकात संभव है। वार्ता विफल रहने के बाद PTI का मार्च जारी रहा, जो फिलहाल खैबर-पख्तूनख्वा में है और सप्ताहांत तक राजधानी पहुंचने की संभावना है।
मीडिया सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच तहरे रस्ते संवाद जारी हैं ताकि जनता और सुरक्षा एजेंसियों के बीच टकराव टाला जा सके। सरकार ने मार्च को रोकने के लिए बल प्रयोग की चेतावनी भी दी है, जिससे हिंसा हो सकती है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने मार्च से आर्थिक नुकसान की चिंता जताई क्योंकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 2023 के दौरान डिफॉल्ट से बचे जाने के बाद अभी सुधार के दौर में है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल और छह महीनों में हमनें मिलकर अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी है और अब इसे आगे बढ़ाने का समय है।
इस प्रकार प्रधानमंत्री ने PTI से संवाद का रास्ता अपनाने और लंबी मार्च को बंद करने का आग्रह किया है ताकि देश में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधार जारी रहे। इस संघर्ष का समापन कैसे होगा, यह आगामी दिनों में स्पष्ट होगा।




