तमिलनाडु मंत्री एस. रामेश ने कहा अशोभनीय टिप्पणी DMK की पहचान है

तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मादाय मंत्री एस. रामेश ने सोमवार को कहा कि विपक्षी पार्टी DMK का मूल स्वभाव अशोभनीय और अपमानजनक भाषा बोलना है। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
अशोभनीय भाषा और DMK का व्यवहार
मंत्री रामेश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीतिक आयोजनों में गंदी भाषा का इस्तेमाल सही नहीं है। उनके बयान वरिष्ठ DMK नेता ए. राजा द्वारा राज्य के विधि मंत्री आर. निर्मल कुमार के खिलाफ व्यक्तिगत हमले के बाद आए, जो पिछले दिन हुए एक DMK आंदोलन के दौरान हुए थे।
उन्होंने कहा, “अशोभनीय, अपमानजनक भाषा बोलना और झूठ फैलाना DMK की पहचान है। अगर वे ऐसा नहीं करते तो आश्चर्य होता। हम इस रवैये का लगातार विरोध कर रहे हैं।” मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने इसी संस्कृति को पार्टी में बढ़ावा दिया है।
सीएम के खिलाफ अपमानजनक बयान बर्दाश्त नहीं
रामेश ने बताया कि स्टालिन के बेटे अक्सर दोहरी अर्थ वाली बातें करते हैं, जो मंत्रीमंडल के खिलाफ भी अपमानजनक होती हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व DMK मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ असम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी मुख्यमंत्री, महिलाओं या जनता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री ने कहा, “आपकी भाषा में ‘अरम’ (नैतिकता) नहीं है तो आप HR&CE विभाग कैसे संभाल सकते हैं?”
इस बीच, रामेश ने AIADMK महासचिव एदाप्पादी के. पళनिस्वामी द्वारा पिछले तीन महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि यह पिछले पाँच वर्षों की कानून व्यवस्था की असफलताओं का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए गंभीर कदम उठा रही है।
रामेश ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘‘सिंगप्पेन’’ विशेष टास्क फोर्स और नशीली दवाओं के खिलाफ समर्पित विंग की स्थापना जैसे कदमों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के खेल क्षेत्र को विश्व स्तर पर ले जाने के मुख्यमंत्री प्रयासों की भी सराहना की है।
मंत्री रामेश की यह टिप्पणी तमिलनाडु की राजनीतिक गहमागहमी के बीच आई है, जहाँ प्रदेश में राजनीतिक दलों द्वारा लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। उनकी इस वक्तव्य से सियासी माहौल में और तकरार बढ़ने की संभावना है।




