
विशेष संवाददाता: शैलेन्द्र यादव
— सब तक एक्सप्रेस
सीतापुर। जनपद के रामकोट कस्बे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर निजी संपत्ति पर बुलडोजर चलाए जाने से स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन द्वारा दुकानदारों को 7 मीटर अतिक्रमण का हवाला दिया गया था, जबकि कार्रवाई के दौरान साढ़े आठ मीटर तक निर्माण हटाया गया। इससे दुकानदारों का आरोप है कि वैध और निजी हिस्से को भी तोड़फोड़ की कार्रवाई में शामिल कर लिया गया।
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उन्हें न तो स्पष्ट सीमांकन दिखाया गया और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई लोगों का रोज़गार प्रभावित हुआ है, जिससे इलाके में नाराज़गी का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और उचित मुआवज़े की मांग की है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही था तो पहले स्पष्ट नोटिस, माप-जोख और सीमांकन के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
मामले को लेकर रामकोट कस्बे में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



