
रिपोर्ट: मुकेश द्विवेदी, सोनभद्र
सोनभद्र। जिले में सड़कों और मुख्य मार्गों पर हो रही पतंगबाजी अब गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा संकट का रूप लेती जा रही है। प्रतिबंधित और नुकीला मांझा खुलेआम बिक रहा है, जिससे बाइक सवारों, राहगीरों और बच्चों की जान पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार प्रशासन की आंखों के सामने खतरनाक मांझा बेच रहे हैं। जबकि चाइनीज और नुकीले मांझे पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद न तो दुकानों पर निगरानी हो रही है और न ही जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
लोगों का कहना है कि सड़क पर उड़ाई जा रही पतंगें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। पूर्व में प्रदेश के कई जिलों में मांझे से गला कटने और मौत तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, फिर भी न दुकानदारों में कानून का डर दिख रहा है और न ही प्रशासन की सख्ती।
नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते सड़क पर पतंग उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई, खतरनाक मांझा बेचने वाले दुकानदारों पर एफआईआर व दुकान सील करने की कार्रवाई और पुलिस, नगर प्रशासन व आपूर्ति विभाग की संयुक्त छापेमारी नहीं की गई, तो किसी भी अप्रिय घटना की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होगी।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत विशेष अभियान चलाकर खतरनाक मांझा जब्त किया जाए और दोषी दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं, ताकि किसी निर्दोष की जान बचाई जा सके।



