
सब तक एक्सप्रेस।
मेरठ। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा बच्चों के सपनों, स्वास्थ्य और शिक्षा पर सीधी चोट है। इसी उद्देश्य को लेकर बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत जागृति विहार सेक्टर-5, मेरठ में माताओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था अध्यक्ष अंजु पांडेय ने कहा कि समाज में आज भी बाल विवाह बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। यह न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान शहरी क्षेत्र की महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा बेटियों की शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी दी गई। संस्था के सदस्यों ने संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब बेटी का बचपन सुरक्षित होगा, तभी देश का भविष्य मजबूत और सशक्त बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने बाल विवाह न करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया तथा अपने विचार साझा किए। बेटियाँ फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि जब तक समाज स्वयं आगे आकर इस कुप्रथा के विरुद्ध आवाज नहीं उठाएगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है।
संस्था लगातार शिक्षा, सुरक्षा, स्वावलंबन और लैंगिक समानता के क्षेत्र में कार्य करते हुए बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत है। इस अवसर पर राजकुमारी, कांति, गरिमा, रजनी, ऋचा, सुमन, अनिता, प्रेम, मिथलेश सहित अनेक महिलाओं का सक्रिय सहयोग रहा।



