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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद कुल 14 प्रस्ताव सामने आए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दी। कैबिनेट के फैसलों से आमजन, उद्योग जगत और युवाओं को बड़ी राहत और नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने परिवार के ब्लड रिलेशन में संपत्ति दान (गिफ्ट डीड) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आबकारी एवं स्टांप मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि अब परिवार के किसी भी सदस्य को किसी भी प्रकार की संपत्ति दान करने पर स्टांप शुल्क मात्र 5 हजार रुपये लगेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल होगी।
बैठक में कुशीनगर और झांसी में नए स्टांप कार्यालयों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिलेगी।
इसके अलावा ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) नीति की एसओपी को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि इस नीति के तहत वित्त वर्ष में 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण या संचालन शुरू होगा, जिससे 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

कैबिनेट ने फर्जी मार्कशीट मामले में बड़ा निर्णय लेते हुए जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त करने को मंजूरी दी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अब विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों की डिग्री और प्रमाणपत्रों का सत्यापन एवं संचालन आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश के प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



