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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट का सबसे अहम फैसला परिवार के सदस्यों के बीच दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट को और व्यापक करने से जुड़ा रहा। अब पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम ₹5,000 ही स्टाम्प शुल्क देना होगा।
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि पहले यह छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। अब शहर हो या गांव, किसी भी प्रकार की संपत्ति को पारिवारिक दान में देने पर केवल ₹5,000 का स्टाम्प शुल्क ही देय होगा। इससे पारिवारिक संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण आसान होगा और विवादों में कमी आएगी।
कैबिनेट ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। कुशीनगर के कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण के लिए भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने और झांसी में उप निबंधक कार्यालय व अभिलेखागार के निर्माण हेतु भूमि आवंटन को स्वीकृति दी गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 को मंजूरी दी गई। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि इससे प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। जीसीसी इकाइयों को भूमि सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पूंजीगत व ब्याज सब्सिडी, ओपेक्स और पेरोल प्रोत्साहन जैसे कई लाभ दिए जाएंगे।
उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े अहम फैसलों में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के परिसमापन को मंजूरी दी गई, जहां जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालन के लिए एलओपी जारी करने को भी स्वीकृति मिली।
कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर नीति के तहत ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इससे उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा टनकपुर रोड पर अत्याधुनिक बस स्टेशन निर्माण, वाराणसी में 500 शैय्या वाले मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना, खेल विभाग में भर्ती नियमों में संशोधन, पीएसी आवास निर्माण और वाराणसी में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के ऑफ-कैंपस की स्थापना जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



