
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बीच आयोजित द्विपक्षीय बैठक वार्ता विफल हो गई। यह बैठक एमडी पावर कॉरपोरेशन पंकज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी, जिसमें संगठन पदाधिकारियों और प्रबंधन के बीच विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि बैठक के दौरान संगठन की ओर से पावर कॉरपोरेशन के 15 मई 2025 के आदेश का पालन करते हुए छटनी में हटाए गए करीब 15 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लेने की मांग रखी गई। इसके साथ ही 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर हटाए गए कर्मचारियों को बहाल करने, 18 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों से कार्य के अनुरूप अनुबंध करने और न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
उन्होंने बताया कि संगठन ने मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को वापस कार्य पर लेने, ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज कराने, इलाज में खर्च की गई राशि का भुगतान संविदाकारों के बिल से कराने तथा स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से न हटाने की मांग भी प्रबंधन के सामने रखी।
प्रदेश महामंत्री ने बताया कि प्रबंधन की ओर से मांगों पर कोई ठोस सहमति न बनने के कारण संगठन ने वार्ता को विफल घोषित कर दिया है। इसके बाद संगठन ने निर्णय लिया है कि 12 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पावर आउटसोर्स कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत



