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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बिजली आउटसोर्स कर्मचारी 12 जनवरी को ऊर्जा मंत्री से उनके लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित जनता दरबार में मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे।
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने ही आदेशों का उल्लंघन करते हुए लगभग 15 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी की गई है। इसके अलावा 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर हजारों कर्मचारियों को कार्य से हटाया गया है, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने बताया कि 18 सितंबर 2025 को जारी आदेश के अनुरूप कर्मचारियों से कार्य के अनुसार अनुबंध नहीं किया जा रहा है, न ही वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को अभी तक दोबारा कार्य पर नहीं लिया गया है। दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज, इलाज में खर्च हुई राशि का भुगतान, भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई, क्षेत्रीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने, मनमानी वेतन कटौती रोकने और स्मार्ट मीटर लगने की स्थिति में कर्मचारियों की छंटनी न करने जैसी मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि संगठन द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण 12 जनवरी को ऊर्जा मंत्री से सीधे मुलाकात कर कर्मचारियों की पीड़ा और मांगों को उनके समक्ष रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में पीड़ित आउटसोर्स कर्मचारी लखनऊ पहुंचेंगे और अपनी समस्याओं को मजबूती से रखेंगे।
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