राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का खिचड़ी भोज, पुरानी पेंशन बहाली पर बनी एकजुटता
केंद्र व राज्य कर्मचारी संगठनों ने एक स्वर में उठाई ओपीएस बहाली की मांग

सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। पूर्व वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन परिसर में नववर्ष एवं खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इं. अमरनाथ यादव ने की, जबकि मुख्य अतिथि नॉर्दर्न मेंस यूनियन के महासचिव कामरेड शिवगोपाल मिश्रा और विशिष्ट अतिथि इं. हरि किशोर तिवारी रहे।
कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य कर्मचारी संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों ने भाग लिया और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। आयोजन के संयोजक एवं कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी संगठनों को एकजुट होकर आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समितियों में कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा जा रहा है।
मुख्य अतिथि कामरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि आठवें वेतन आयोग को लागू कराने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। इसकी रूपरेखा पिछले वर्ष इसी खिचड़ी भोज में तय हुई थी, जिसके बाद पत्राचार और आंदोलनों के माध्यम से केंद्र सरकार को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि अब नौवें और दसवें वेतन आयोग का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक साइकिल यात्रा, लाखों कर्मचारियों की रैलियां, धरना-प्रदर्शन और रामलीला मैदान में विशाल आंदोलन हुए, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार को इस विषय पर समिति बनाकर वार्ता शुरू करनी पड़ी। उन्होंने यूपीएस मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन और उस पर महंगाई भत्ता दिए जाने का प्रावधान है, हालांकि कुछ कमियों को दूर करने की जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकार समय पर नहीं मिलते, उन्हें एकजुट आंदोलन से ही हासिल करना पड़ता है। वहीं कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने कहा कि चुनावी वर्षों में आंदोलन के दबाव से कुछ कर्मचारी हितों को हासिल किया जा सकता है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने कहा कि कर्मचारियों को जो अधिकार पूर्वजों से मिले हैं, उन्हें बचाने के लिए भी आज संघर्ष करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम में आयकर विभाग, रेलवे, एआईआरएफ, राज्य कर्मचारी महासंघ, चालक संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ सहित विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ नेताओं ने भी विचार रखे और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एकजुट संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
— सब तक एक्सप्रेस



