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निषाद समाज को अनुसूचित जाति का आरक्षण कब मिलेगा?– लौटनराम निषाद

राष्ट्रीय निषाद संघ ने निषाद पार्टी पर समाज के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया

सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता चौ. लौटनराम निषाद ने आरोप लगाया कि निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने निषाद समाज के साथ इमोशनल ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक सौदेबाजी की है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी कोई वास्तविक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि संजय निषाद और उनके परिवार का निजी प्रबंधन वाली संस्था बन गई है।
लौटनराम निषाद ने बताया कि निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, उनकी पत्नी, पुत्र प्रवीण कुमार और श्रवण कुमार सहित पूरा परिवार पार्टी के प्रमुख पदों पर काबिज है। पार्टी द्वारा समाज को आरक्षण और अधिकार देने का वादा केवल व्यक्तिगत लाभ और सौदेबाजी के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा से गठबंधन के दौरान निषाद समाज के अधिकार सार्वजनिक रूप से लूटे गए और पट्टों तथा मत्स्य पालन योजनाओं में समाज को कोई लाभ नहीं मिला, जबकि संजय निषाद का परिवार मालामाल हो गया। इसके अलावा, पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और जारी किए गए अवकाश, जैसे निषादराज व कश्यप ऋषि जयंती का अवकाश, योगी सरकार ने रद्द कर दिया।
लौटनराम निषाद ने सवाल उठाया कि निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कर उनके अधिकार कब और कैसे सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने निषाद पार्टी के अंधभक्तों से पूछा कि क्या समाज को इस सरकार से कोई वास्तविक लाभ मिला है।
उन्होंने निषाद समाज से अपील की कि वे अपने अधिकारों और पहचान के लिए जागरूक रहें और राजनीति में ऐसे दलों और व्यक्तियों से सावधान रहें जो समाज के नाम पर केवल निजी लाभ कमाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद समाज का संघर्ष आरक्षण, आर्थिक-सामाजिक अधिकार और पारंपरिक पहचान की सुरक्षा के लिए जारी रहेगा।

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