
सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने 20 जनवरी को राज्य की विधान सभा का घेराव करने का ऐलान किया है। परिषद के अनुसार यह आंदोलन राज्य के 40 लाख कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निदान के लिए किया जाएगा।
आज आलमबाग बस स्टेशन पर विभिन्न निगम संगठनों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ, संविदा चालक परिचालक संघर्ष यूनियन, चालक संघ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय पदाधिकारी और अन्य संगठन शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जे. एन. तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने की।
बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें संविदा चालकों और परिचालकों का नियमितीकरण, निजीकरण और पीपीपी योजना, राष्ट्रीय कृत मार्गों पर संचालन, अतिरिक्त यात्री कर में कमी, और कर्मचारियों की आय में कमी जैसी समस्याएं शामिल थीं। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के महामंत्री जसवंत सिंह ने कहा कि ये समस्याएं केवल शासन और सरकार के हस्तक्षेप से ही हल हो सकती हैं, इसलिए विधान सभा का घेराव आवश्यक है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संगठनों और निगम कर्मचारियों द्वारा बस स्टेशनों और कार्यशालाओं में इस आंदोलन की जानकारी देने के लिए फ्लेक्स लगाए जाएंगे। परिषद ने अपने आह्वान में कहा कि 20 जनवरी को लखनऊ में सभी पदाधिकारी और कर्मचारियों का एक जुट होकर विधानसभा घेराव में भाग लेना अनिवार्य है।
संयुक्त परिषद ने बताया कि इस घेराव में सभी वर्गों के लगभग 55 हजार कर्मचारी हिस्सा लेंगे और एकजुट होकर अपने अधिकारों और मांगों की पूर्ति के लिए संघर्ष



