राजस्थान में पिता ने जिंदा बेटी के लिए शोक पत्रिका छपवा कराया मृत्यु भोज

राजस्थान के उदयपुर जिले के चौहानवास गांव में अपनी तरह का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यह मामला इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। यहां एक पिता ने अपनी जिंदा विवाहित बेटी को सामाजिक रूप से ‘मृत’ घोषित कर दिया और शोक पत्रिका छपवाकर उसका ‘मृत्यु भोज’ तक आयोजित कर दिया।
राजस्थान के उदयपुर जिले के चौहानवास गांव में अपनी तरह का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यह मामला इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। यहां एक पिता ने अपनी जिंदा विवाहित बेटी को सामाजिक रूप से ‘मृत’ घोषित कर दिया और शोक पत्रिका छपवाकर उसका ‘मृत्यु भोज’ तक आयोजित कर दिया।
मामला चौहानवास निवासी रूप सिंह और उनकी बेटी जमना कंवर से जुड़ा है। जमना का विवाह करीब 10 वर्ष पूर्व हुआ था, उसके तीन छोटे बच्चे हैं। करीब दो महीने पहले जमना ने अपने पति और बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ रहना शुरू कर दिया, बाद में दोनों ने शादी भी कर ली।
इसके बाद उसने अपने माता-पिता और बच्चों से भी पूरी तरह दूरी बना ली। परिवार, ससुराल पक्ष और समाज के लोगों ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही।
बाद में उसने माता-पिता और बच्चों को पहचानने से भी इन्कार कर दिया तो पिता गहरे सदमे में आ गए। इसके बाद समाज की बैठक में निर्णय लिया गया कि जमना को सामाजिक रूप से मृत माना जाएगा।
इसी फैसले के तहत परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ शोक पत्रिका छपवाई गई, रिश्तेदारों में वितरित की गई और मृत्यु भोज का आयोजन किया गया। जमना को पैतृक संपत्ति से भी बेदखल कर दिया गया।



