केजीएमयू के विभिन्न मुद्दों को लेकर विहिप ने राज्यपाल/मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
लव जिहाद, धर्मांतरण व नियुक्तियों की एसटीएफ जांच की मांग, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

सब तक एक्सप्रेस।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। विहिप ने केजीएमयू में कथित धर्मांतरण व लव जिहाद के मामले, नियुक्तियों में अनियमितता और सेवानिवृत्त अधिकारी को पद दिए जाने जैसे मुद्दों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की।
विहिप नेताओं ने बताया कि पूर्व में संगठन के विरोध प्रदर्शन के बाद आरोपी रमीज मलिक को निष्कासित कर ब्लैकलिस्ट किया गया, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी हुई तथा वाहिद अली को लैब इंचार्ज पद से हटाया गया। मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई, लेकिन संगठन का कहना है कि अभी भी कई गंभीर प्रश्न अनुत्तरित हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि सैयद अख्तर अब्बास को सेवानिवृत्ति के बाद भी विश्वविद्यालय में जिम्मेदारी दिए जाने की जांच हो और उन्हें तत्काल कुलपति के ओएसडी पद से हटाया जाए। साथ ही, उन पर नियमविरुद्ध सेवानिवृत्त लाभ व पेंशन दिलाए जाने के आरोपों की भी एसटीएफ या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दोषियों पर रिकवरी व कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा वर्ष 2021 से 2025 के बीच हुई नियमित, एडहॉक, नर्सिंग समेत सभी प्रकार की नियुक्तियों की जांच, लव जिहाद व धर्मांतरण पीड़िता द्वारा कथित रूप से शिकायत दबाने के प्रयासों की जांच तथा वायरल हो रहे एक धार्मिक परिधान से जुड़े फोटो की भी पड़ताल की मांग की गई।
इस अवसर पर विहिप के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि शैक्षणिक परिसरों में लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाएं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा।
विहिप बजरंग दल के जिला संगठन मंत्री समरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन का रवैया विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। प्रशासन ने दो दिन में मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, अन्यथा संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे और नारेबाजी की।
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