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ब्राजील और नाइजीरिया बने भारतीय दवा कंपनियों के मुख्य निर्यात गंतव्य, देखी गई इतनी बढ़ोतरी

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ब्राजील और नाइजीरिया भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए प्रमुख निर्यात गंतव्य के रूप में उभरे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में नाइजीरिया को 17.9 करोड़ डॉलर और ब्राजील को लगभग 10 करोड़ डॉलर की दवाएं निर्यात की गईं।वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ब्राजील और नाइजीरिया भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए मुख्य निर्यात गंतव्य के तौर पर उभर रहे हैं।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक नाइजीरिया सबसे तेजी से बढ़ने वाले गंतव्य में से एक के तौर पर उभरा है और चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के दौरान हमने 17.9 करोड़ डॉलर की दवाएं निर्यात कीं हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत ज्यादा है।

ब्राजील को भी निर्यात की गईं 10 करोड़ डॉलर की दवाएं

आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल से नवंबर के दौरान ब्राजील को भी लगभग 10 करोड़ डॉलर की दवाएं निर्यात की गईं। अप्रैल-नवंबर 2025-26 के दौरान देश का फार्मास्यूटिकल्स निर्यात 6.5 प्रतिशत बढ़कर 20.48 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों से यह भी पता चला कि अप्रैल-नवंबर, 2025 में अमेरिका सबसे बड़ा फार्मा निर्यात गंतव्य बना हुआ और कुल निर्यात में उसकी हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से ज्यादा है।

इन देशों के निर्यात में देखी गई वृद्धि

अमेरिका के साथ-साथ फ्रांस, नीदरलैंड्स, कनाडा, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को फार्मा निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। नीदरलैंड्स को 5.8 करोड़ डालर से ज्यादा की दवाएं निर्यात की गईं और यह यूरोपीय फार्मास्यूटिकल्स डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भारत के मजबूत एकीकरण को दिखाता है।

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “ये बाजार स्वास्थ्य तक बढ़ती पहुंच, सरकारी खरीद में वृद्धि और भारतीय जेनरिक दवाओं पर बढ़ती निर्भरता को दिखाते हैं। बड़े बाजार और अलग-अलग तरह के छोटे गंतव्यों का यह संयोजन एक संतुलित निर्यात नीति को दिखाते हैं।”

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