राष्ट्रीय

युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण: नौसेना प्रमुख का अनुशासन व टीमवर्क का संदेश

विकसित भारत का सपना

भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और लक्ष्य निर्धारण का भी है। देश को उस समय तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की गई है। इस दिशा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेटों को आत्म-अनुशासन और टीमवर्क का महत्व समझाया।

युवा वर्ग: देश की सबसे बड़ी पूंजी

एडमिरल त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है। यह संख्या अपने आप में एक शक्ति है, लेकिन सही दिशा और उद्देश्य के बिना यह शक्ति प्रभावी नहीं हो सकती। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि आने वाले वर्षों में देश की सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां उन्हीं के कंधों पर होंगी।

अनुशासन: सफलता की नींव

नौसेना प्रमुख ने आत्म-अनुशासन को जीवन और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
उनका कहना था कि अनुशासन व्यक्ति को न केवल लक्ष्य पर केंद्रित रखता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता देता है। बिना अनुशासन के प्रतिभा और ऊर्जा भी बिखर जाती है।

टीमवर्क के बिना विकास संभव नहीं

एडमिरल त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यक्तिगत प्रतिभा अकेले किसी संगठन या राष्ट्र को विकसित नहीं कर सकती
टीमवर्क सहयोग, विश्वास और साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है। जब युवा एक लक्ष्य के लिए मिलकर काम करते हैं, तभी बड़े बदलाव संभव होते हैं।

‘विकसित भारत’ को फिल्म से जोड़कर समझाया दृष्टिकोण

अपने संबोधन में उन्होंने एक रोचक उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि यदि ‘विकसित भारत’ को एक फिल्म माना जाए, तो युवा उसके अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और कभी-कभी दर्शक भी होंगे।
इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने युवाओं को यह समझाया कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका केवल सीमित नहीं, बल्कि बहुआयामी है।

NCC: चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला

नौसेना प्रमुख ने NCC की भूमिका की विशेष सराहना की।
NCC युवाओं को केवल सैन्य अनुशासन ही नहीं सिखाता, बल्कि उनमें देशभक्ति, नेतृत्व, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का भी विकास करता है। यही गुण युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।

नागरिक सुरक्षा में NCC का योगदान

एडमिरल त्रिपाठी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगभग 72,000 NCC कैडेटों द्वारा किए गए नागरिक सुरक्षा प्रयासों की प्रशंसा की। यह उदाहरण दर्शाता है कि NCC कैडेट आपदा और संकट के समय भी देश की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

आधुनिक प्रशिक्षण और नई पहल

उन्होंने NCC द्वारा अपनाए गए आधुनिक प्रशिक्षण तरीकों की भी सराहना की, जिनमें ड्रोन संचालन और साइबर जागरूकता जैसी पहल शामिल हैं। ये प्रयास युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं।

निष्कर्ष: युवा ही हैं विकसित भारत के आधार

नौसेना प्रमुख का संदेश स्पष्ट है—यदि युवा आत्म-अनुशासन और टीम भावना को अपनाएं, तो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना संभव है।
संगठित प्रयास, सही दिशा और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!