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(विशेष संवाददाता – शैलेन्द्र यादव):
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने गुरुवार को इन्दिरा भवन स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त 17 शिकायतों और पत्रावलियों पर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पशु चिकित्साधिकारी के 404 पदों पर सीधी भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण शून्य किए जाने के मामले पर गंभीरता से सुनवाई हुई। अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए वर्ष 1994 के बाद की गई सीधी भर्तियों, आरक्षण की स्थिति और रोस्टर रजिस्टर का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को तय की गई है।
जगन्नाथ प्रसाद गंगवार को भूखंड न दिए जाने के प्रकरण में बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को बुलाया गया था, लेकिन किसी सक्षम अधिकारी के उपस्थित न होने पर अध्यक्ष ने कड़ी अप्रसन्नता व्यक्त की।
सोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़े मामले में आयोग सदस्य रमेश कश्यप गौड़ द्वारा प्रकरण प्रस्तुत किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के प्रतिनिधि ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है तथा मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
नीलम, प्रधानाध्यापिका (कानपुर देहात) के प्रकरण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुपस्थित रहने से सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं विनोद कुमार के मामले में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहे और पिछड़ा वर्ग के कार्मिक की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
शिवबदन राम के प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि लगभग छह वर्षों के बाद जीपीएफ, सामूहिक बीमा और ग्रेच्युटी की कुल 6 लाख 74 हजार रुपये की धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। डॉ. गौरव नन्द (कासगंज) के मामले में संबंधित अधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर भुगतान किए जाने की जानकारी दी।
अन्य मामलों में भी आयोग अध्यक्ष ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए।



