शराब, तन्हाई और 7 फ्लॉप फिल्में… जब आधी रात को ‘भगवान’ से खूब झगड़े राजेश खन्ना, टूटा था ‘काका’ का गुरूर

हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने सफलता और असफलता दोनों देखी। लगातार सात फ्लॉप फिल्मों के बाद वे गहरे डिप्रेशन में चले गए और शराब के आदी हो गए। एक रात तेज बारिश में उन्होंने अपने बंगले की छत पर जाकर भगवान से अपनी कामयाबी छीनने पर सवाल किया। क्या है ये पूरा किस्सा, आइए जानते हैं..
HighLights
- राजेश खन्ना ने लगातार सात फ्लॉप फिल्में देखीं।
- डिप्रेशन में आकर आधी रात भगवान से भिड़ गए।
- बाद में कई हिट फिल्मों से शानदार वापसी की।
15 से ज्यादा सोलो गोल्डन जुबली हिट्स, लड़कियों में दीवानगी और सुपरस्टार की गद्दी पर बैठकर राज करते राजेश खन्ना। हिंदी सिनेमा में ये जादू करने का दम शायद हर किसी के वश में नहीं था, जो ‘काका’ ने किया।
हालांकि राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) वो सुपरस्टार रहे हैं, जिन्होंने जितनी ज्यादा सक्सेस देखी तो उस सक्सेस को एक वक्त पर उनके लिए संभालना भी मुश्किल हुआ और कहते हैं न कि कामयाबी जितनी ऊंची होती है, गिरने का शोर भी उतना ही गहरा और बड़ा होता है क्या है। यही वजह है कि राजेश खन्ना एक बार सीधा भगवान से जाकर लड़ गए ये पूरी कहानी, चलिए आपको बताते हैं।
जब बैक टू बैक फ्लॉप हुईं ‘काका’ की फिल्में
हिंदी सिनेमा में राजेश खन्ना पहले ऐसे स्टार थे जिन्होंने सुपरस्टार (Rajesh Khanna Stardom) का दौर देखा। अपनी फिल्मों के जरिए राजेश हिंदी सिनेमा में सुनामी ले आए। उनकी दीवानगी लड़कियों में इतनी ज्यादा थी कि लड़कियां उनकी तस्वीर से शादी कर लेती थीं।
ये हर सुपरस्टार की चाहत थी, सपना था और उसी सपने को राजेश खन्ना हकीकत में जी रहे थे। लगातार हिट होती फिल्मों ने काका को ‘सर्वश्रेष्ठ’ बना दिया। हालांकि चांद की चमक में दाग लगता है और यही दाग राजेश खन्ना के स्टारडम में लगा जब उनकी लगातार 7 फिल्में फ्लॉप हो गईं।
वो फ्लॉप फिल्में जिससे टूट गए थे राजेश खन्ना
हमेशा सफलता के आदी रहने वाले राजेश खन्ना को कहां पता था कि जिंदगी में असफलता भी आती है और असफलता के बोझ तले वो जब दबे तो वो इसके दर्द को झेल नहीं पाए।
‘काका’ की फ्लॉप फिल्मों का सिलसिला फिल्म ‘महबूबा’ से शुरू हुआ था, जो साल 1976 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म के बाद तो मानो उनकी सात फिल्में लगातार फ्लॉप होती चली गईं।
1976 में दो फिल्में फ्लॉप हुईं तो वहीं 1977 में आईं 5 फिल्में भी लगातार फ्लॉप हुईं। महज 2 साल के अंदर काका का स्टारडम डगमगा गया।
- महबूबा
- बंडल बाज
- अनुरोध
- त्याग
- छैला बाबू
- कर्म
- चलता पुर्जा
फ्लॉप फिल्मों के बाद भगवान से लड़ने गए ‘काका’
अपनी फिल्मों को फ्लॉप होता देख राजेश खन्ना टूट चुके थे। शराब के आदी हो चुके थे और नशे में चूर रहने लगे थे। एक दिन अचानक रात को जब मुंबई में तेज बारिश हो रही थी, राजेश खन्ना अपने बंगले ‘आशीर्वाद’ की छत पर चले गए। अकेले, बारिश में भीगते हुए, उन्होंने आसमान की तरफ हाथ उठाकर भगवान से चिल्लाकर कहा कि, “इतनी कामयाबी दी, तो अब छीन क्यों रहे हो? क्या तुम भी मुझसे जलते हो?” ये सब देखकर उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया और उनका स्टाफ उनके पास दौड़ा था।

1990 में एक मैग्जीन को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने खुद इसका जिक्र किया कि वो फ्लॉप फिल्मों से डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने बताया कि, उस रात बारिश हो रही थी, अंधेरा था और मैं अकेला अपनी छत पर था, मैंने खुद पर अपना काबू खो चुका था। मैं भीग चुका था और फिर ऊपर देखते हुए चिल्लाया कि,परवरदिगार हम गरीबों का इतना सख्त इम्तिहान ना ले कि हम तेरे वजूद को इनकार कर दें। डिंपल और मेरा स्टाफ दौड़ते हुए आ गए, उन्हें लगा मैं पागल हो गया हूं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सफलता मुझे इतनी मिली थी कि मैं असफलता बर्दाश्त नहीं कर पाया।’
इसके अलावा यासिर उस्मान ने अपनी किताब ‘The Untold Story of India’s First Superstar’ में जिक्र किया कि राजेश खन्ना अपने बिखरते करियर से पूरी तरह से टूट गए थे। वे इतना डिप्रेशन में चले गए थे कि सुसाइड करने के बारे में सोचने लगे थे।
हालांकि बाद में राजेश खन्ना ने खुद अपनी हार को माना और खुद पर काम करना शुरू किया। आखिरकार 1979 के बाद उन्होंने थोड़ी सी बेवफाई, कुदरत, राजपूत, अवतार, सौतन, दर्द, अगर तुम न होते, और अमृत जैसी हिट फिल्मों से अपना कमबैक किया। हालांकि ये वो दौर था जब अमिताभ बच्चन जैसे स्टार का वक्त शुरू हो चुका था और दूसरी तरफ धर्मेंद्र भी सिनेमा में ही-मैन बनकर छाए हुए थे।



