
सब तक एक्सप्रेस | सतीश पाण्डेय:
सोनभद्र। लोढ़ी टोल प्लाजा पर रविवार को एक महिला अधिवक्ता एवं उनके साथ ओबरा जा रहे लोगों के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की छवि को भी धूमिल करती हैं।
डॉ. तिवारी ने कहा कि जिस स्थान पर लोढ़ी टोल प्लाजा स्थापित किया गया है, वह पूरी तरह से अनुचित है। रावर्ट्सगंज सोनभद्र जनपद का मुख्यालय है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कचहरी और तहसील जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में अपने कार्यों से आते-जाते हैं। मुख्यालय पहुंचने से पहले ही लोगों को टोल टैक्स चुकाना पड़ता है, जो आमजन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ है।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को इको प्वाइंट जैसे पर्यटन स्थलों तक जाने के लिए भी टोल शुल्क देना पड़ता है, जिससे लोग वहां जाने से कतराते हैं। सोनभद्र एक आदिवासी बाहुल्य जनपद है, जहां अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके लिए बार-बार टोल चुकाना संभव नहीं है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि यूपी 64 नंबर की सभी प्राइवेट गाड़ियों को लोढ़ी टोल प्लाजा पर टोल मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि रोजमर्रा के कार्यों से मुख्यालय आने-जाने वाले आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने मांग की कि टोल प्लाजा पर तैनात ऐसे कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए जो जनता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
डॉ. तिवारी ने कहा कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी ऐसी हरकतों से शासन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस गंभीर मुद्दे को जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा, ताकि सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति और आदिवासी बहुलता को ध्यान में रखते हुए यूपी 64 की गाड़ियों को टोल फ्री किया जा सके।


