गरियाबंद के दुतकैया गांव में तनाव, हिंसा के बाद कर्फ्यू जैसे हालात

गरियाबंद।
राजिम क्षेत्र के दुतकैया गांव में रविवार को भड़की हिंसा के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। दो गुटों के बीच हुए टकराव में आगजनी, पथराव और मारपीट की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है।
पुराने विवाद ने बिगाड़ा माहौल
बताया जा रहा है कि गांव में मूर्ति क्षतिग्रस्त करने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को यही विवाद हिंसा में बदल गया। पहले कहासुनी हुई और फिर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया।
घायलों की संख्या बढ़ी
हमले में अरविंद साहू, नरेंद्र साहू सहित कई लोग घायल हुए हैं। कुछ को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। हिंसा के दौरान पुलिस के जवान भी घायल हुए हैं।
आगजनी से गांव में दहशत
उग्र भीड़ ने कई घरों और वाहनों में आग लगा दी। करीब 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। आग बुझाने के लिए दमकल वाहनों को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हालात बिगड़ते देख राजिम, फिंगेश्वर और महासमुंद थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।
तीन आरोपी हिरासत में
पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
बाहरी लोगों पर रोक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कई घरों के बाहर पुलिस की रातभर पहरेदारी रही।
प्रशासन की अपील
एसपी वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।



