उत्तर प्रदेश

ओटीएस योजना-2026 से बकाएदारों को मिलेगी बड़ी राहत – प्राधिकरणों को 8-10 हजार करोड़ रुपये बकाया मिलेगा – दंड ब्याज माफ, सिर्फ साधारण ब्याज लिया जाएगा।

जल्द लागू होने वाली ओटीएस योजना-2026 से उत्तर प्रदेश के बकाएदारों को बड़ी राहत मिलेगी। प्राधिकरणों-परिषद को 8-10 हजार करोड़ रुपये का बकाया मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में 19 हजार से अधिक संपत्तियों पर 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। नई योजना में दंड ब्याज माफ कर केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जिससे आवंटी भुगतान के लिए आगे आएंगे।

जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी के बाद लागू होने वाली ओटीएस योजना-2026 से न केवल बकायदारों को बड़ी राहत मिलेगी बल्कि विकास प्राधिकरणों-परिषद को भी आठ-10 हजार करोड़ रुपये का बकाया मिल जाएगा।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में प्राधिकरण व परिषद की 19 हजार संपत्तियों के आवंटियों ने समय से भुगतान नहीं किया है। इसी तरह 600 से अधिक भवन मानचित्र का भी बकाया है। ऐसे में बकाए भुगतान सहित दंड ब्याज का 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा प्राधिकरण-परिषद का फंसा हुआ है।

किसी भी आवंटी द्वारा समय से संपत्ति के मूल्य की किस्तों आदि का भुगतान न करने पर प्राधिकरण-परिषद द्वारा दो से तीन प्रतिशत का दंड ब्याज वसूला जाता है। चूंकि दंड ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज होता है इसलिए तेजी से बकाया बढ़ता जाता है और आवंटी उसका भुगतान करने से पीछे हटते जाते हैं।

31 जुलाई 2021 के बाद नए सिरे से लागू की जा रही ओटीएस योजना में चूंकि बकाए पर सिर्फ साधारण ब्याज (आवंटन के समय किस्तों पर लागू ब्याज) लिया जाएगा और दंड ब्याज माफ रहेगा इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि बकाएदार आवंटी इसका फायदा उठाने के लिए आगे आएंगे।

प्रस्तावित योजना के तहत 50 लाख रुपये तक का बकाया निकलने पर चार माह में जबकि इससे अधिक होने पर सात माह तक किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। बकाएदार आवंटी द्वारा आवेदन करने की तिथि से तीन माह में आवेदन का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। आवेदन तय अवधि में न निस्तारित करने की दशा में प्राधिकरण-परिषद के संबंधित कार्मिक से वित्तीय क्षति की वसूली की जाएगी।

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