राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) शाखा में करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन फ्रॉड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) शाखा में करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन फ्रॉड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ और उसके सहयोगी संतोष को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। मामले का खुलासा शुक्रवार शाम को पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया।
एसपी ने बताया कि यह फ्रॉड किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ और उसके साथी संतोष ने करीब दो साल पहले सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम देना शुरू किया। आरोप है कि दोनों ने एक ही सोने के बदले कई लोगों के नाम पर गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिए। इनमें कई खाते फर्जी थे, लेकिन उनके नाम पर भी गोल्ड लोन जारी कर दिया गया।
नकली सोना रखने की आशंका, जांच जारी
शुरुआती जांच में करीब 4 किलो असली सोने की जगह नकली सोना रखे जाने की बात सामने आई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि नकली सोने की मात्रा इससे कम भी हो सकती है। इस संबंध में अभी विस्तृत जांच की जा रही है।
लूट की साजिश भी रची थी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को अंदेशा था कि यह घोटाला कभी भी उजागर हो सकता है। इसी डर से उन्होंने बैंक में लूट की योजना भी बना ली थी। इसके लिए एक गैंग को 20 लाख रुपये दिए गए थे, ताकि मामले को लूट का रूप दिया जा सके।
सस्पेंशन के बाद हुआ फरार
मामला उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने अमित जांगिड़ को निलंबित कर दिया, जिसके बाद वह फरार हो गया। फरारी से पहले उसने करीब 4 करोड़ रुपये का जीवन बीमा भी कराया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी ने दावा किया कि वह मानसिक तनाव में आत्महत्या करने की सोच रहा था। यदि वह ऐसा करता, तो बीमा राशि उसके परिजनों को मिल जाती।
अपराध से अर्जित संपत्तियों की जांच
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों और उनके अन्य सहयोगियों द्वारा अपराध की रकम से किए गए निवेश और संपत्तियों की जांच की जा रही है। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।



