मलेशिया में सोने और चांदी की कीमतें (Gold-Silver Price in Malaysia) भारत की तुलना में कम हैं।

मलेशिया में सोने और चांदी की कीमतें (Gold-Silver Price in Malaysia) भारत की तुलना में कम हैं। विभिन्न आयात शुल्क, कर, स्थानीय मांग-आपूर्ति और विनिमय दर जैसे कारक इस अंतर का कारण बनते हैं। मलेशिया में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.44 लाख का है, जबकि भारत में यह ₹1.52 लाख है। इसी तरह, चांदी भी मलेशिया में सस्ती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव कीमतों को प्रभावित करते हैं।
दुनिया के अलग-अलग देशों में विभिन्न कारणों से सोने और चांदी का रेट भी अलग-अलग होता है। इनमें अलग-अलग इंपोर्ट ड्यूटी, टैक्स, लोकल डिमांड-सप्लाई स्टेटस और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करेंसी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव जैसे फैक्टर शामिल हैं। इंटरनेशनल स्पॉट कीमतें एक बेस तय करती हैं, मगर ट्रांसपोर्टेशन, इंश्योरेंस और सरकारी टैक्स (जैसे GST/VAT) जैसी लोकल कॉस्ट बड़े क्षेत्रीय कीमतों में अंतर पैदा करती हैं। आइए जानते हैं कि इस समय मलेशिया में सोने-चांदी का रेट कितना है।
सोने का रेट कितना?
पहले सोने की बात करते हैं। मलेशिया में 1 ग्राम 24 कैरेट सोने का रेट 630.70 रिंगिट (मलेशियाई करेंसी) है। 1 रिंगिट इस समय 22.96 रुपये के बराबर है। ऐसे में मलेशिया में 1 ग्राम गोल्ड का रेट भारतीय करेंसी में 14,481.55 रुपये बनेगा।
वहीं 10 ग्राम गोल्ड का रेट 144815.53 रुपये (6307 रिंगिट) बनेगा। वहीं भारत में इस समय 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का रेट 152080 रुपये है। यानी भारत में मलेशिया के मुकाबले सोने का रेट ज्यादा है।
चांदी का रेट कितना?
वहीं मलेशिया में 1 ग्राम चांदी का रेट 9.90 रिंगिट है, जो कि भारतीय करेंसी में 227.31 रुपये बनते हैं। इस तरह 1 किलो चांदी का रेट होगा 9900 रिंगिट, जो भारतीय करेंसी में 2.27 लाख रुपये बनेंगे। वहीं भारत में इस समय 1 किलो चांदी का रेट 2.85 लाख रुपये है। सोने की तरह चांदी का रेट भी भारत के मुकाबले मलेशिया में कम है।
सोने-चांदी के लिए आउटलुक
जानकारों के अनुसार सोने और चांदी के लिए इंटरनेशनल मार्केट का आउटलुक काफी अस्थिर है। इस साल में कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे हुई हैं। 6 फरवरी, 2026 तक, सोने की कीमत लगभग $4964.62 प्रति औंस है, जबकि चांदी $63.90 से $90.03 प्रति औंस के बीच ट्रेड कर रही है।
सोने-चांदी की कीमतों के लिए ये फैक्टर्स होंगे अहम
- अमेरिका-ईरान तनाव और न्यूक्लियर डील पर बातचीत
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई
- सेंट्रल बैंक की नीतियां और ब्याज दरें
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती



