बाड़मेर का विधिक शिविर फीका, अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर न्यायिक नाराजगी

बाड़मेर।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक जागरूकता शिविर अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सका। शिविर में जनता की समस्याओं के समाधान की उम्मीदें अधूरी रह गईं।
एक मंच, कई समस्याएं
इस शिविर को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा था, जहां आमजन अपनी रोजमर्रा की समस्याएं सीधे विभागीय अधिकारियों को बता सकते थे।
आमंत्रण के बावजूद नहीं पहुंचे अधिकारी
12 विभागों को बुलाया गया था, लेकिन केवल चार विभागों की मौजूदगी दर्ज हुई। इससे शिविर की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए।
जनता की नाराजगी
लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर तभी सार्थक होते हैं जब सभी विभाग गंभीरता से भाग लें।
सचिव का कड़ा संदेश
कृष्णा गुप्ता ने अधिकारियों की गैरहाजिरी को गंभीर लापरवाही बताया और कोर्ट में हाजिरी के आदेश जारी किए।
लोक अदालत की भूमिका
आगामी लोक अदालत को देखते हुए ऐसे शिविरों की सफलता जरूरी बताई गई।
भविष्य में सख्ती के संकेत
सचिव ने स्पष्ट किया कि आगे से कोई भी विभाग इस तरह की अनदेखी नहीं कर सकेगा।



