गुच्ची के मालिक केयरिंग (Kering) के नए सीईओ के योजना के तहत कंपनी के पुनरुद्धार की दिशा में कदम उठाने से कंपनी के शेयरों में 10% की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, कंपनी की बिक्री ने अनुमानित आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है।

**गर्मी की लहर में बढ़ती बिजली की मांग, सरकार ने की तैयारी**
इस साल की गर्मी ने उत्तर भारत में बिजली की खपत में जबरदस्त वृद्धि कर दी है। जैसे-जैसे तापमान चढ़ता जा रहा है, लोग अपने घरों में कूलर और एसी का सहारा लेने लगे हैं। इस बढ़ती मांग को देखते हुए, सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
हाल ही में, कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। विशेष रूप से, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लोग गर्मी से बेहाल हैं। ऐसे में बिजली की खपत में वृद्धि स्वाभाविक है। इस स्थिति को संभालने के लिए बिजली विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।
बिजली कंपनियों ने कहा है कि वे इस बार पिछले साल की तुलना में बेहतर तैयार हैं। हालांकि, पिछले साल कई राज्यों में बिजली कटौती की समस्याएं देखने को मिली थीं। इसलिए, इस बार सरकार ने पहले से ही आवश्यक उपाय किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ वितरण नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है।
इसी बीच, ऊर्जा मंत्रालय ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि वे बिजली के उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि अत्यधिक बिजली का उपयोग न केवल उनकी जेब पर भारी पड़ता है, बल्कि इससे पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस गर्मी में राहत देने के लिए, कुछ राज्यों ने विशेष योजना बनाई है जिसमें गरीब परिवारों को निशुल्क बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गर्मी में राहत पहुंचाना है।
साथ ही, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बिजली की कोई भी कमी न हो। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं, ताकि नागरिकों को कोई असुविधा न हो।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि इस गर्मी में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना एक चुनौती होगी। लेकिन सरकार और बिजली कंपनियों की तत्परता से उम्मीद की जा रही है कि इस बार जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।



