अल्फाबेट ने फिर से ऋण बिक्री को बढ़ावा दिया है, क्योंकि कुल राशि 30 अरब डॉलर से अधिक हो गई है, सूत्रों का कहना है।

### दिल्ली में प्रदूषण का संकट: प्रशासन ने उठाए ठोस कदम
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर ने एक बार फिर से चिंता का विषय बना दिया है। पिछले कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता में आई गिरावट ने न केवल स्वास्थ्य को खतरे में डाला है, बल्कि आम जीवन को भी प्रभावित किया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, दिल्ली सरकार ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है।
हाल ही में, प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। बैठक में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तात्कालिक उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति और बिगड़ सकती है।
दिल्ली की हवा में प्रदूषण का मुख्य कारण वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्य, और जलवायु परिवर्तन जैसे कारक हैं। पिछले वर्ष की तुलना में, इस वर्ष प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ गया है। इसे देखते हुए, सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। इनमें से एक है, वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ‘ऑड-इवेन’ प्रणाली को लागू करना।
साथ ही, निर्माण कार्यों को भी एक निश्चित समय के लिए रोकने पर विचार किया जा रहा है। इससे धूल और अन्य प्रदूषकों के उत्सर्जन में कमी लाई जा सकेगी। इसके अलावा, सरकार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ लगाने की योजना तैयार की है, ताकि हरे क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सके और वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं हो सकता। लोगों को भी जागरूक होना होगा और प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करने होंगे। कई नागरिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है और जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
इस बीच, मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना जताई है। हालांकि, यह तब ही संभव होगा जब सभी संबंधित पक्ष मिलकर काम करें। दिल्ली के निवासियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है, ताकि वे एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें।
प्रदूषण के खिलाफ इस मुहिम में हर किसी की भागीदारी आवश्यक है। यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो निश्चित रूप से दिल्ली की हवा को साफ और ताज़ा बनाया जा सकता है।



